सुल्तानपुर : वायरल ऑडियो को लेकर सुल्तानपुर की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह ‘मोनू’ ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि वायरल ऑडियो में उनकी और उनके पूर्व विधायक भाई चन्द्रभद्र सिंह की हत्या की कथित साजिश से जुड़े संकेत हैं। आरोप सामने आने के बाद जिले की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और अब मामले की पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
मोनू सिंह ने पुराने घटनाक्रम का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जेल में मुलाकात के दौरान मुन्ना बजरंगी के माध्यम से हत्या करवाने को लेकर कथित बातचीत सामने आई थी। उनका कहना है कि मौजूदा वायरल ऑडियो को इस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में गंभीरता से जांचे जाने की जरूरत है। हालांकि, वायरल रिकॉर्डिंग में कही गई बातों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
SP को सौंपी वॉइस रिकॉर्डिंग और शिकायत
मोनू सिंह ने पुलिस अधीक्षक चारु निगम से मुलाकात कर वॉइस रिकॉर्डिंग और शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की।
उनका कहना है कि यदि लगाए गए आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं, यदि रिकॉर्डिंग की जांच में किसी साजिश से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘ऑडियो किसने तैयार किया, इसकी भी हो जांच’
मोनू सिंह ने कहा कि मामला केवल वायरल ऑडियो तक सीमित नहीं है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि रिकॉर्डिंग किसने तैयार की, उसमें कही गई बातों की वास्तविकता क्या है और इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश की भूमिका तो नहीं है।
उन्होंने संकेत दिया कि यदि पुलिस स्तर पर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह न्यायालय की शरण ले सकते हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
वायरल ऑडियो और मोनू सिंह के आरोपों के बाद सुल्तानपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप बेबुनियाद हैं तो जांच से किसी को डरने की जरूरत नहीं है और यदि रिकॉर्डिंग में साजिश से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही वायरल ऑडियो की वास्तविकता और लगाए गए आरोपों की सच्चाई स्पष्ट होने की उम्मीद है।




