अब्दुल बारीक
रातू : झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर आमया संगठन एवं झारखंड छात्र संघ की ओर से रातू में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
आमया संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि कम समय में ही सोनू ने अपने मंत्रालय के साथ-साथ अन्य विभागों के कामकाज को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
एस अली ने कहा कि विधायक के रूप में सुदिव्य कुमार सोनू सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते थे, जबकि मंत्री के तौर पर समस्याओं के समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास करते थे। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मामलों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के दौरान भी सोनू छात्रों से बातचीत और समाधान को लेकर गंभीर थे।
उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड की जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं के साथ अन्य राज्यों की भाषाओं को लेकर भी अपनी स्पष्ट राय रखते थे। एस अली के अनुसार, वे झारखंड में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी चिंतित थे और चाहते थे कि कोई भी भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न हो।
शिक्षा और प्रमाणपत्र व्यवस्था में सुधार का किया जिक्र
एस अली ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू के प्रयासों से झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा मैट्रिक, इंटरमीडिएट और अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में सुधार का अवसर उपलब्ध कराया गया। उनके अनुसार, जाति, आवासीय और आय प्रमाणपत्रों के निर्माण की ऑनलाइन व्यवस्था के साथ ऑफलाइन सुविधा भी शुरू की गई।
उन्होंने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ भाषा, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी तेजी से काम कर रहे थे। अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों के अलावा मदरसा और उर्दू से संबंधित मामलों पर भी उनकी सक्रियता रही।
पद्मश्री मधु मंसूरी ने भी जताया दुःख
पद्मश्री मधु मंसूरी ने सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन को बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि सोनू ने अपने राजनीतिक जीवन में जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी और समर्पण के साथ जनता की सेवा की।
श्रद्धांजलि सभा में आमया संगठन के केंद्रीय सचिव नौशाद आलम, केंद्रीय उपाध्यक्ष मो. फुरकान, केंद्रीय संगठन सचिव जियाउद्दीन अंसारी सहित अफताब आलम, नसीम अख्तर, अंजुम खान, अब्दुल बारिक, सिद्दीक अंसारी, असरफूल अंसारी, अफसर अंसारी, मो. मोबिन, अब्दुल्लाह बशीर, इमरोज अंसारी, निरोज मंसूरी, अलाउद्दीन अंसारी, राशिद अनवर, शमशाद अंसारी, मजहरुल हक, नाजिम अंसारी, प्रवेज अंसारी समेत संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।




