मनीष सिन्हा
जोड़ापोखर : डिगवाडीह सर्कस मैदान में पूजा समिति की ओर से आयोजित कोयलांचल के चर्चित 38वें गणेश महोत्सव का सोमवार को धूमधाम से शुभारंभ हुआ। गणेश चतुर्थी के मौके पर पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव की शुरुआत हुई। इस बार पश्चिम बंगाल के मायापुर श्याम मंदिर की थीम पर तैयार किया गया भव्य पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सोमवार को आचार्य संजय पांडेय, राजू पांडेय और अशोक पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की पूजा संपन्न कराई। पूजा में मनोज सिंह और उनकी पत्नी रीना सिंह यजमान के रूप में शामिल हुए।
पूजा पंडाल का उद्घाटन धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने फीता काटकर किया। वहीं, मेले का उद्घाटन सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और पूर्व महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल ने किया। दोनों अतिथियों ने इससे पहले भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
पूजा समिति के अध्यक्ष जगजीवन राम, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एम.के. ठाकुर, सचिव मोहन यादव, सह-सचिव दिनेश यादव, उत्सव राम, रूपेश राम, अवध बिहारी राम, गोगा पांडेय और उज्ज्वल मंडल ने बताया कि इस बार 38वें गणेश महोत्सव को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजकों के अनुसार मेला करीब एक पखवाड़े तक चलेगा।
मेले में माता वैष्णो देवी के दरबार की झांकी और चार धाम की थीम पर आधारित काल्पनिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण होगी। इसके अलावा मनोरंजक झूले, जलपरी, ब्रेक डांस और बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए मीना बाजार भी सजाया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
आयोजकों के अनुसार भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। करीब 100 वॉलंटियर्स के साथ पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था भी की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
महोत्सव शुरू होने से पहले आयोजन को लेकर विवाद भी सामने आया था। कुछ लोगों ने समिति पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाते हुए महोत्सव में बाधा डालने की कोशिश की थी। वहीं, झरिया सीओ की ओर से जमीन को सरकारी बताते हुए मेले पर रोक का आदेश दिए जाने की बात भी सामने आई थी।
हालांकि, पूजा समिति के अनुसार अधिकांश जमीन के रैयतों की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद विवाद समाप्त हो गया। इसके बाद महोत्सव का आयोजन शुरू हुआ और समिति के सदस्य तथा स्थानीय लोग इसे सफल बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।



