सुधीर रंजन
लखनऊ/नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने संसद में उत्तर प्रदेश के अयोध्या, प्रयागराज और बुंदेलखंड क्षेत्र को जोड़ने वाले ‘श्रीराम दर्शन रेल पथ कॉरिडोर’ के निर्माण की मांग जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने कहा कि अयोध्या, प्रयागराज और चित्रकूट समेत इस मार्ग से जुड़े कई धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल सनातन संस्कृति तथा भगवान श्रीराम के वनगमन से जुड़े हैं। ऐसे में इन प्रमुख तीर्थस्थलों को एक समर्पित रेल कॉरिडोर से जोड़ना धार्मिक पर्यटन के साथ क्षेत्रीय विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सांसद ने प्रस्तावित रेल मार्ग के जरिए अयोध्या को सुल्तानपुर, अमेठी के भादर और कालिका देवी धाम, मां चंडिका देवी धाम, घुईसरनाथ धाम तथा प्रतापगढ़ स्थित जगद्गुरु स्वामी करपात्री जी महाराज की जन्मस्थली से जोड़ने का प्रस्ताव रखा।
इसके साथ ही उन्होंने प्रतापगढ़ के मनगढ़ धाम, प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम, कौशाम्बी के कड़ा धाम और मंझनपुर, गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर तथा चित्रकूट धाम को भी प्रस्तावित रेल कॉरिडोर में शामिल करने की मांग की।
सड़क के बाद रेल कनेक्टिविटी पर जोर
अमरपाल मौर्य ने कहा कि वर्तमान में ‘राम वन गमन पथ’ का विकास सड़क मार्ग के रूप में किया गया है, लेकिन इन महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाला समर्पित रेल कॉरिडोर अभी उपलब्ध नहीं है। उनके अनुसार, रेल कनेक्टिविटी मिलने से श्रद्धालुओं के लिए इन तीर्थस्थलों तक पहुंच आसान होगी और धार्मिक पर्यटन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर से अयोध्या, प्रयागराज, प्रतापगढ़, कौशाम्बी और चित्रकूट समेत संबंधित क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और पर्यटन आधारित कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर आएंगे तीर्थ
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, चारधाम ऑल वेदर रोड और नैमिषारण्य कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर ‘श्रीराम दर्शन रेल पथ कॉरिडोर’ भी भगवान श्रीराम के वनगमन मार्ग से जुड़े तीर्थस्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
अमरपाल मौर्य ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से जनभावनाओं तथा सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित कॉरिडोर को शीघ्र स्वीकृति देने और आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का आग्रह किया।




