समय पर मानदेय और पोषाहार की मांग, सदन में मुखर हुए शत्रुघ्न महतो

बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने विधानसभा में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय, पोषाहार और प्रोत्साहन राशि के भुगतान का मुद्दा उठाया।

मनीष सिन्हा

धनबाद/रांची : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन के समक्ष उठाया। उन्होंने कर्मियों के मानदेय का समय पर भुगतान, आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित पोषाहार की उपलब्धता और विशेष कार्यक्रमों के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बावजूद विधायक ने आंगनबाड़ी कर्मियों से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि राज्य में कार्यरत सेविकाओं और सहायिकाओं को मानदेय का भुगतान नियमित रूप से हो रहा है या नहीं। साथ ही उन्होंने पोषाहार की आपूर्ति और विशेष कार्यक्रमों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी।

सेविकाओं को 7 हजार और सहायिकाओं को 3500 रुपये अतिरिक्त मानदेय

सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब के अनुसार राज्य मद से आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रति माह 7,000 रुपये और सहायिकाओं को 3,500 रुपये अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। सरकार ने बताया कि जून 2026 तक का भुगतान किया जा चुका है, जबकि जुलाई 2026 के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।

केंद्र प्रायोजित योजना के तहत सेविकाओं के लिए 4,500 रुपये और सहायिकाओं के लिए 2,250 रुपये प्रति माह मानदेय निर्धारित है। इसका खर्च केंद्रांश और राज्यांश के 60:40 अनुपात में किया जाता है। सरकार के अनुसार केंद्र से प्राप्त राशि के आधार पर विभिन्न जिलों में मानदेय का भुगतान किया गया है। आगे केंद्र से राशि प्राप्त होने पर राज्यांश के साथ अद्यतन मानदेय का भुगतान कराया जाएगा।

पोषण ट्रैकर के आधार पर मिल रहा पूरक पोषाहार

पोषाहार की व्यवस्था को लेकर सरकार ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर में पंजीकृत लाभार्थियों के अनुसार पूरक पोषाहार की आपूर्ति की जा रही है। लाभार्थियों के बीच इसका वितरण भी कराया जा रहा है।

वहीं गोदभराई, अन्नप्राशन और पोषण अभियान के तहत आयोजित सामुदायिक गतिविधियों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में देरी को लेकर सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही का हवाला दिया। सरकार के मुताबिक उस अवधि में भारत सरकार से राशि समय पर नहीं मिलने के कारण भुगतान प्रभावित हुआ।

सरकार ने बताया कि उपलब्ध केंद्रीय अंशदान और समानुपातिक राज्यांश से इन आयोजनों के लिए अगस्त-सितंबर 2025 तक की अवधि का भुगतान जिलों में कराया गया है।

शत्रुघ्न महतो बोले- भुगतान व्यवस्था हो समयबद्ध

विधायक शत्रुघ्न महतो ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएं और सहायिकाएं बच्चों तथा माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य जमीनी स्तर पर करती हैं। ऐसे में उनके मानदेय का समय पर भुगतान, पोषाहार की नियमित उपलब्धता और विशेष कार्यक्रमों की प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उनकी जिम्मेदारियों और मेहनत को देखते हुए सरकार को भुगतान व्यवस्था को समयबद्ध और सुचारु बनाना चाहिए, ताकि कर्मियों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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