छाताबाद की तबाही के बाद भी अवैध खनन जारी? रामकनाली में उठे सवाल

छाताबाद में भू-धंसान के बाद रामकनाली ओपी क्षेत्र में रात के समय कथित अवैध खनन और कैंपर से कोयला ढुलाई के आरोपों ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

मनीष सिन्हा

कतरास : धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बीच रामकनाली ओपी क्षेत्र में कथित अवैध खनन और कोयला ढुलाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात के अंधेरे में अवैध तरीके से कोयला निकाला जा रहा है और कैंपर वाहनों के जरिए उसे दूसरे स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब छाताबाद में हाल में हुई बड़ी भू-धंसान की घटना ने अवैध खनन के खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, रामकनाली ओपी क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में रात के समय कथित तौर पर कोयला निकाला जाता है। इसके बाद कैंपर वाहनों से कोयले की ढुलाई किए जाने का आरोप है। लोगों का कहना है कि इस गतिविधि के कारण आसपास रहने वाले परिवारों में लगातार भय बना हुआ है।

सबसे बड़ा सवाल निगरानी व्यवस्था को लेकर उठाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात के समय वाहनों की नियमित आवाजाही और कोयला ढुलाई हो रही है तो संबंधित निगरानी तंत्र को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिल रही है। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

छाताबाद की घटना के बाद भी सबक नहीं?

छाताबाद में हुई जमीन धंसने की घटना ने अवैध खनन से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर सामने ला दिया है। घटना में कई घर प्रभावित हुए थे। ऐसे में आसपास के इलाकों में भी यदि अवैध खनन जारी रहने के आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध खनन से जमीन के भीतर खोखलापन बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि किसी घटना के बाद राहत और कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय अवैध खनन पर प्रभावी और स्थायी रोक लगाने की जरूरत है।

रात में कोयला ढुलाई से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कैंपर वाहनों से कथित रात्रीकालीन कोयला ढुलाई के आरोपों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि ऐसे वाहनों की आवाजाही लगातार हो रही है तो पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित निगरानी तंत्र की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

हालांकि, अवैध खनन, कोयला तस्करी या किसी तरह की प्रशासनिक मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पूरे मामले में प्रशासन, पुलिस, बीसीसीएल और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

प्रशासन से जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से रामकनाली ओपी क्षेत्र में कथित अवैध खनन और कोयला ढुलाई की तत्काल जांच कराने की मांग की है। साथ ही रात में चलने वाले कैंपर वाहनों की जांच और संवेदनशील इलाकों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी उठाई गई है।

अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर हैं। छाताबाद की घटना के बाद रामकनाली क्षेत्र में लगाए जा रहे अवैध खनन के आरोपों की जांच कितनी गंभीरता से होती है और निगरानी व्यवस्था को कितना मजबूत किया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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