मनीष सिंह
महुआडांड़ : महुआडांड़-डाल्टनगंज मुख्य मार्ग पर ग्राम राजडण्डा के पास राजडण्डा नदी पर बना पुल मूसलाधार बारिश के कारण ध्वस्त हो गया। पुल टूटने के बाद जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग अलर्ट हो गया है। सूचना मिलते ही पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह और कनीय अभियंता विजय बखला मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान महुआडांड़ युवा कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष आमिर सुहेल भी मौजूद रहे।
पुल के आसपास की स्थिति और नदी के तेज बहाव को देखते हुए फिलहाल यहां डायवर्सन बनाना सुरक्षित नहीं माना गया है। कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह ने बताया कि राजडण्डा नदी में बाढ़ के कारण नदी की सतह से पुल के ऊपर करीब 25 फीट तक पानी का तेज बहाव हो रहा है। ऐसे में पुल के पास डायवर्सन बनाने से उसके बह जाने का खतरा है। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।
लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने फिलहाल मुख्य मार्ग का रूट बदल दिया है। डाल्टनगंज और लातेहार की ओर से महुआडांड़ आने वाले छोटे-बड़े वाहनों के लिए बास्करचा मोड़ से कुरो होते हुए महुआडांड़ पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता निर्धारित किया गया है। वहीं महुआडांड़ से डाल्टनगंज और लातेहार की ओर जाने वाले वाहनों को कुरो मोड़ से बास्करचा होते हुए मुख्य मार्ग पर पहुंचना होगा।
वाहन चालकों को नए रूट की जानकारी देने के लिए प्रशासन ने डायवर्ट किए गए मोड़ के पास सूचना बोर्ड भी लगाया है। इसका उद्देश्य चालकों को रास्ते को लेकर होने वाली परेशानी से बचाना और आवागमन को व्यवस्थित रखना है।
चार पुलों के निर्माण का प्रस्ताव विभाग को भेजा
कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह के अनुसार, क्षेत्र में क्षतिग्रस्त और आवश्यक पुलों के निर्माण के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें राजडण्डा, बोहटा, बास्करचा और अकसी में बनने वाले चार पुल शामिल हैं।
विभाग की ओर से इन पुलों के निर्माण की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाने की तैयारी है। अधिकारी ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि करीब एक माह के भीतर टेंडर प्रकाशित कर दिया जाए। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और क्षेत्र में बाधित आवागमन को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जाएगी।
प्रशासन की अपील, जान जोखिम में डालकर पुल पार न करें
पुल ध्वस्त होने के बाद प्रशासन ने मुख्य मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। इसके बावजूद कुछ लोग चेतावनी की अनदेखी कर मोटरसाइकिल से क्षतिग्रस्त पुल को पार करने का प्रयास कर रहे हैं। नदी में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है और ऐसी लापरवाही किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त पुल पार करने की कोशिश न करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का ही इस्तेमाल करें। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को नदी के तेज बहाव और पुल की खराब स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
पुल टूटने से महुआडांड़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने और नए पुलों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी से लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में आवागमन की समस्या दूर हो सकेगी।




