खलारी : एनके क्षेत्र में रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन ड्यूटी को लेकर प्रबंधन के आदेश के खिलाफ संयुक्त श्रमिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। शनिवार को डकरा स्थित वीआईपी सभागार में संयुक्त श्रमिक संगठन एवं मजदूरों की आपात बैठक मिथलेश सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रबंधन के 27 अगस्त को जारी कार्यालय आदेश पर चर्चा करते हुए इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताया गया तथा आदेश वापस लेने की मांग की गई।
बैठक में रविवार, सार्वजनिक अवकाश और मजदूरों से संबंधित विभिन्न कटौतियों के मुद्दे पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। संयुक्त श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने श्रमिक संगठनों को विश्वास में लिए बिना ड्यूटी व्यवस्था में बदलाव किया है। संगठनों का कहना है कि आर्थिक संकट का हवाला देकर श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं में कटौती करना उचित नहीं है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 अगस्त, रविवार को एनके क्षेत्र में सामूहिक विश्राम रहेगा। संयुक्त श्रमिक संगठनों ने सभी मजदूरों से रविवार को ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने की अपील की है। साथ ही बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि रविवार को एनके क्षेत्र में किसी भी मजदूर की उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी।
संयुक्त श्रमिक संगठनों ने वर्तमान महाप्रबंधक के कार्यकाल में आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों के बहिष्कार का भी निर्णय लिया है। हालांकि, संगठनों ने स्पष्ट किया कि वास्तविक आपातकालीन, जीवनरक्षक और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक सेवाओं में निर्धारित दायित्वों का पालन किया जाएगा।
संगठनों ने प्रबंधन से 27 अगस्त को जारी कार्यालय आदेश की समीक्षा कर उसे वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिन ड्यूटी को लेकर श्रमिक संगठनों के साथ तत्काल वार्ता करने तथा ड्यूटी व्यवस्था को पारदर्शी और समान नियमों के आधार पर निर्धारित करने की मांग रखी गई है।
संयुक्त श्रमिक संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत प्रदर्शन और धरना देने के साथ संबंधित श्रम अधिकारियों के समक्ष भी मामला उठाया जाएगा।
श्रमिक संगठनों ने कहा कि आर्थिक संकट के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं में कटौती किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठनों ने स्पष्ट किया कि प्रबंधन को एकतरफा निर्णय वापस लेकर श्रमिक संगठनों के साथ वार्ता के माध्यम से ड्यूटी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान करना होगा।
रिपोर्ट: राशीद अंसारी




