मनीष सिन्हा
धनबाद :14 दिनों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों को बुधवार को धनबाद लाया गया। धनबाद पहुंचने के बाद तीनों को सदर अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
मिसिर बेसरा समेत दो अन्य नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद लाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर सदर अस्पताल और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
रांची में कई एजेंसियों ने की पूछताछ
जानकारी के अनुसार, 31 जुलाई को पुलिस रिमांड मिलने के बाद तीनों नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची ले जाया गया था। वहां करीब 11 दिनों तक केंद्रीय और राज्य की विभिन्न जांच एजेंसियों ने उनसे अलग-अलग स्तर पर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने माओवादी संगठन से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी जुटाई। जांच एजेंसियों ने संगठन के नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और उससे जुड़े सहयोगियों के संबंध में पूछताछ की।
तीनों पर घोषित है बड़ा इनाम
धनबाद लाए गए नक्सलियों में भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल शामिल हैं। उनके ऊपर 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
इसके अलावा 15 लाख रुपये के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ भी इस समूह में शामिल हैं।
मेडिकल जांच के बाद जेल भेजने की तैयारी
सदर अस्पताल में तीनों की मेडिकल जांच पूरी कराई गई। इसके बाद पुलिस उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया में जुट गई। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
रिमांड के दौरान हुई पूछताछ को माओवादी संगठन के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।




