गिरिडीह: पीरटांड़ प्रखंड के चिरकी पंचायत अंतर्गत मधुपुर ग्राम में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रुद्रा फाउंडेशन द्वारा नाबार्ड के सहयोग से संचालित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (LEDP) के अंतर्गत मिलेट आधारित प्रदर्शन सह उत्पादन इकाई (Demonstration-cum-Production Unit) का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम में जिला विकास प्रबंधक (DDM), नाबार्ड गिरिडीह हरिहरन सी. वी. एवं नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय के राहुल घोष (J.P.A.) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने विधिवत रूप से उत्पादन इकाई का उद्घाटन किया और प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे मिलेट आधारित उत्पादों का निरीक्षण कर उनके प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि ऐसी उत्पादन इकाइयां ग्रामीण महिलाओं को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखेंगी, बल्कि उन्हें उद्यमिता, स्वरोजगार और बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेंगी। उन्होंने महिलाओं से गुणवत्ता, स्वच्छता और आकर्षक पैकेजिंग के साथ उत्पाद तैयार कर बाजार की मांग के अनुसार कार्य करने की अपील की।
रुद्रा फाउंडेशन के सचिव सैयद सबिह अशरफ ने कहा कि यह उत्पादन इकाई प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को सामूहिक रूप से उत्पादन और विपणन का अवसर प्रदान करेगी। संस्था का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मिलेट आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना, महिलाओं की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
इस अवसर पर रुद्रा फाउंडेशन के प्रबंधक शंकर राय, संतोष कुमार, पीरटांड़ मिलेट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक सुभाष चंद्र महतो, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) नागेंद्र महतो सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त महिला प्रतिभागी उपस्थित रहीं।
विलियम जैकब
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