मनीष सिन्हा
धनबाद : न्यू टाउन हॉल, धनबाद में रविवार को आदिवासी अस्मिता, समृद्ध लोक परंपराओं, संस्कृति और जल-जंगल-जमीन की गौरवशाली विरासत को समर्पित झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धनबाद जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शारदा सिंह शामिल हुईं और दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले श्रीमती शारदा सिंह ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और संघर्षों को याद करते हुए उनके संरक्षण और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महोत्सव में टुंडी विधायक श्री मथुरा प्रसाद महतो, धनबाद विधायक श्री राज सिन्हा, निरसा विधायक श्री अरूप चटर्जी, धनबाद महापौर श्री संजीव सिंह, तोपचांची प्रमुख श्री आनंद सहित धनबाद उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर श्रीमती शारदा सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराएं और प्रकृति के साथ उनका गहरा जुड़ाव झारखंड की विशिष्ट पहचान हैं। भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष और त्याग से हमें अपनी संस्कृति, अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन झारखंड की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और उसे संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों के बीच साइकिल का वितरण भी किया गया। वहीं, भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर आधारित विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 ने आदिवासी समाज की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति से जुड़े सरोकारों को सामने रखा। आयोजन के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि जल, जंगल और जमीन से जुड़ी विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किए जाने वाली अमूल्य धरोहर है।




