विलियम जैकब
गिरिडीह: गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सवाल उठाए हैं। संगठन की जिला इकाई ने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य और कुछ शिक्षकों पर परीक्षा ड्यूटी, भुगतान, फर्जी हस्ताक्षर और बैंक खाते से राशि निकासी में अनियमितता के आरोप लगाए हैं। रविवार को बस स्टैंड के समीप एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में ABVP नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रेस वार्ता में ABVP के प्रदेश सह संयोजक मंटू मुर्मू, जिला संयोजक नीरज चौधरी और SFS सह संयोजक अनीश रॉय ने कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि IGNOU परीक्षा के दौरान प्रभारी प्राचार्य ने कथित तौर पर बिना ड्यूटी किए लाखों रुपये का भुगतान लिया। इसके अलावा संगठन ने प्रोफेसर डॉ. प्रभास मणि पाठक के नाम से कथित फर्जी हस्ताक्षर कर राशि निकाले जाने का भी आरोप लगाया।
ABVP नेताओं के मुताबिक, दिसंबर 2025 में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एमएन सिंह युवा महोत्सव में टीम मैनेजर के रूप में हजारीबाग में मौजूद थे। संगठन का दावा है कि इसी अवधि में गिरिडीह कॉलेज में आयोजित IGNOU परीक्षा में उनकी ड्यूटी भी दर्ज की गई और इसके आधार पर भुगतान किया गया। ABVP ने कहा कि शिकायत के बाद IGNOU की जांच में मामला सामने आया और कथित तौर पर संबंधित राशि वापस की गई।
प्रेस वार्ता के दौरान कॉलेज में परीक्षा ड्यूटी, भुगतान प्रक्रिया और बैंक खाते से राशि निकासी को लेकर भी कई सवाल उठाए गए। ABVP ने दावा किया कि 5 मार्च 2025 को कॉलेज के संयुक्त खाते से करीब सवा लाख रुपये की निकासी में नियमों की अनदेखी की गई। संगठन ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है।
ABVP नेताओं ने प्रभारी प्राचार्य और अन्य शिक्षकों की बायोमीट्रिक उपस्थिति की जांच कराने की मांग भी की। इसके अलावा कॉलेज में सुरक्षा प्रभारी के पद पर एक व्यक्ति की नियुक्ति और उसकी उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए।
संगठन का कहना है कि प्रेस वार्ता में उठाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर कॉलेज में पिछले कई वर्षों से चली आ रही कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता चल सकता है। ABVP ने विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
हालांकि, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।




