गयाजी पहुंचे सीएम सम्राट, बोले- श्रद्धालुओं का करें भव्य स्वागत

गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू, सीएम सम्राट चौधरी ने विष्णुपद मंदिर में पूजा कर देवघाट का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के निर्देश दिए।

संजय कुमार सिंह

गया : पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी पहुंचकर विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने देवघाट का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। शुक्रवार से गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू हुआ है और देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी आते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे यहां से सुखद अनुभव लेकर लौटें, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ की रही है। इसलिए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों का पूरे आदर, सम्मान और आत्मीयता के साथ स्वागत किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को घाटों, आवासन, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष मेला के अवसर पर टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया। गयाजी में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए गांधी मैदान में टेंट सिटी तैयार की गई है।

पितृपक्ष मेला के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन सनातन संस्कृति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता का अनूठा पर्व है। गयाजी की पावन धरती पर पिंडदान और तर्पण के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु पहुंचते हैं। राज्य सरकार की ओर से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पितृपक्ष के दौरान पुनपुन और गया दोनों स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाते हैं। गया आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग और अन्य संबंधित विभागों को पूरी तत्परता से काम करने का निर्देश दिया गया है। विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तकनीक और ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है तथा उनकी भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए गयाजी में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें 2,500 करोड़ रुपये कॉरिडोर के विकास के लिए निर्धारित हैं। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य में किसी मंदिर के विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में से एक बताया।

औद्योगिक निवेश और जल परियोजनाओं का भी जिक्र

मुख्यमंत्री ने बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि बोधगया में उद्योगों के विकास के लिए इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) की शुरुआत की जा रही है। इसी वर्ष अक्टूबर से करीब 20 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश का जमीन पर उतरना शुरू होने की बात उन्होंने कही। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की योजना पर भी काम चल रहा है। सोन नदी के पानी के बंटवारे और जल संसाधन से जुड़े समझौतों के जरिए गया और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई तथा जल उपलब्धता को बेहतर करने की योजना है।

गयाजी की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि गया एयरपोर्ट बिहार के प्रमुख हवाई अड्डों में शामिल है। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के माध्यम से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है। गयाजी को इंडोनेशिया, बैंकॉक और गल्फ देशों समेत दुनिया के अन्य प्रमुख स्थानों से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गयाजी की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर भी बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार काम किया जा रहा है। स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बनाने के साथ मॉडल स्कूल, ऑनलाइन कक्षाओं और ‘विद्यार्थी साथी ऐप’ जैसी पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जीविका के माध्यम से व्यापक स्तर पर काम किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने बताया कि राज्य में एक करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील की कि पितृपक्ष मेले के दौरान गयाजी आने वाले सभी श्रद्धालुओं और अतिथियों का मिल-जुलकर सम्मान एवं आत्मीयता के साथ स्वागत करें। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले लोगों को बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य का सुखद अनुभव मिलना चाहिए।

विशेष डाक लिफाफा और पुस्तक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पितृपक्ष के अवसर पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष डाक लिफाफे का विमोचन किया। इसके अलावा पंडा समाज द्वारा लिखित ‘पाचन तीर्थ गयाजी’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा निर्मित गयाजी धाम अंगवस्त्र का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम को केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सह गया के सांसद जीतनराम मांझी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री सह गया जिला के प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार समेत अन्य अधिकारी, श्रद्धालुाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आवासन पर विशेष जोर दिया है। मौजूद रहे।

कार्यक्रम में विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह, मनोरमा देवी, उपेंद्र प्रसाद, रोमित कुमार और ज्योति देवी, विधान पार्षद जीवन कुमार और अफाक अहमद खां, गया की महापौर बीरेंद्र कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष नैना कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

वहीं मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ. सफीना एएन, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिलाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार समेत अन्य अधिकारी, श्रद्धालु और बड़ी संख्या में आम लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष मेला महासंगम के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और आवासन पर विशेष जोर दिया है।

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