जनता दरबार में मनरेगा के तहत स्वीकृत गाय शेड निर्माण की बकाया राशि का भुगतान नहीं होने, झारखंड आंदोलनकारी पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन मिलने में देरी, जमीन की ऑनलाइन रसीद नहीं कटने और गैरमजरुआ भूमि की बंदोबस्ती जैसे मामले प्रमुखता से उठाए गए। ग्रामीणों ने लंबे समय से आवासीय उपयोग में रही गैरमजरुआ जमीन की मानवीय आधार पर बंदोबस्ती करने की मांग भी रखी।
इसके अलावा कुछ फरियादियों ने आरएस खतियान जल्द उपलब्ध कराने की मांग करते हुए आवेदन सौंपे। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन से जुड़े दस्तावेज और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में आ रही परेशानियों के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदनों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त कंचन सिंह ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले की जांच की जाए और पात्रता तथा निर्धारित नियमों के अनुरूप उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मनरेगा भुगतान, पेंशन और जमीन से संबंधित मामलों में नियमानुसार समाधान की दिशा में कदम उठाने को कहा गया।
जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना, शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाना और प्रशासनिक स्तर पर उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देना है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं।
मौके पर अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो उपस्थित रहे।




