नक्सली गतिविधियों से लेकर तस्करी तक पर नजर, सीमा सुरक्षा के लिए पुलिस का बड़ा फैसला

महुआडांड़ थाना परिसर में झारखंड और छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों की बैठक, सूचना तंत्र मजबूत करने, नियमित गश्त बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाने पर जोर।

 

महुआडांड़ : झारखंड और छत्तीसगढ़ की अंतरराज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने समन्वय बढ़ाने की पहल की है। शनिवार को महुआडांड़ थाना परिसर में सीमावर्ती क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में अवैध तस्करी पर रोक लगाने, नक्सली गतिविधियों पर निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाने को लेकर चर्चा की गई।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता महुआडांड़ की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूजा कुमारी और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी के पुलिस उपाधीक्षक ने की। इसमें सीमावर्ती कुसमी, करौंधा और सामरी थानों के थाना प्रभारी शामिल हुए। अधिकारियों ने दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

सूचनाओं का होगा त्वरित आदान-प्रदान

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय रहने से अपराधियों की गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

नक्सली गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दोनों राज्यों की पुलिस के संयुक्त अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए आपसी संपर्क और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई।

तस्करी रोकने के लिए बढ़ेगी सतर्कता

बैठक में अवैध तस्करी पर रोक लगाने, अपराध नियंत्रण और सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बैठक में तय बिंदुओं का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड और छत्तीसगढ़ की पुलिस के बीच समन्वय मजबूत कर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेहतर तालमेल, नियमित निगरानी और समय पर सूचना साझा करने से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

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