पाकुड़ । शहर से सटे विक्रमपुर क्षेत्र में इन दिनों टेंपो के जरिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में लकड़ियों की ढुलाई किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, लकड़ी से लदे टेंपो गांवों के रास्तों से गुजरते हुए अलग-अलग स्थानों तक पहुंच रहे हैं। कई बार ये वाहन तेज रफ्तार में निकल जाते हैं, जिससे इन्हें रोकना और जांच करना मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीण इलाकों में पेड़ों की कटाई के बाद लकड़ियों को टेंपो में लोड किए जाने की चर्चा भी तेज है। विक्रमपुर होकर गुजरने वाले मार्गों पर नियमित रूप से लकड़ी लदे वाहनों की आवाजाही देखे जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। इससे इलाके में लगातार पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
खास तौर पर बिक्रमपुर-रामचंद्रपुर के आसपास के इलाकों के साथ कासिला और कालीदासपुर के जंगलों में पेड़ों की कथित अवैध कटाई की शिकायतें गंभीर बनी हुई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन जंगलों से रात-दिन पेड़ काटकर लकड़ियां निकाली जा रही हैं। इसके बाद लकड़ियों को टेंपो में लादकर विक्रमपुर के रास्ते बाहर भेजे जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि यह सिलसिला जारी रहा तो जंगलों के अस्तित्व पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते वन विभाग ने निगरानी और जांच नहीं की तो बचे हुए जंगलों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से लकड़ी लदे टेंपो की जांच कराने, लकड़ी काटे जाने के स्रोत का पता लगाने और मामला अवैध पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा केवल कागजों पर दर्ज कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए। लोगों ने वन क्षेत्र में नियमित निगरानी बढ़ाने और लकड़ी की अवैध ढुलाई पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।




