विजयीपुर/फतेहपुर : धाता विकासखंड के खैरई गांव के मजरे में करीब छह महीने पहले जिला पंचायत निधि से बनाई गई सड़क पहली ही जोरदार बारिश में सवालों के घेरे में आ गई। सोमवार, 17 अगस्त 2026 की सुबह हुई भारी बारिश के बाद सड़क की स्थिति देखकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण बारिश का पानी पड़ते ही सड़क कई जगह से खराब होने लगी।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का निर्माण गांव में आवागमन को बेहतर बनाने और लोगों की सुविधा के लिए कराया गया था। लेकिन निर्माण के कुछ ही महीनों बाद सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े होने लगे हैं। बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा हो गया, वहीं मिट्टी और निर्माण सामग्री बहती हुई दिखाई दी।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। ऐसे में इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब होना गंभीर विषय है। उन्होंने निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया गया है तो महज छह महीने में सड़क की हालत बिगड़ने की वजह भी सामने आनी चाहिए। ग्रामीणों ने दोष मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
अब सबकी नजर जिला पंचायत और संबंधित विभाग की ओर है कि वे इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। फिलहाल बारिश के बाद सड़क की बिगड़ी हालत को लेकर गांव में चर्चा तेज है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।



