गिद्दी। डाड़ी प्रखंड क्षेत्र के अरगडा प्रक्षेत्र स्थित गिद्दी-सी कोलियरी के सीसीएल आवासीय क्वार्टरों में दो जंगली हाथियों के पहुंचने से लोगों में दहशत का माहौल है। मंगलवार की देर रात करीब डेढ़ बजे दो गजराज गिद्दी वाशरी कॉलोनी की ओर से होते हुए गिद्दी-सी कोलियरी के सीसीएल क्वार्टरों में पहुंच गए।
हाथियों ने क्वार्टर की दीवार और कैंटीन का दरवाजा तोड़ दिया। इसके बाद अंदर रखे सामान को गिराकर क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के कॉलोनी में पहुंचने की सूचना मिलते ही गिद्दी थाना पुलिस और वन विभाग के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे। सायरन बजाकर हाथियों को रिहायशी इलाके से दूर भगाने का प्रयास किया गया।

इस दौरान बौखलाए हाथियों ने गिद्दी-सी क्रेशर में भी घुसने की कोशिश की। हालांकि पुलिस प्रशासन और वन सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से करीब तीन बजे रात हाथियों को क्रेशर के बगल स्थित जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। प्रशासन की ओर से सायरन बजाकर लोगों को अपने-अपने घरों में सुरक्षित रहने की अपील की गई।
फिलहाल दोनों हाथियों की गतिविधि होसिर और हेसालौंग के जंगलों में देखी जा रही है। बताया जा रहा है कि हाथियों ने हेसालौंग जंगल में डेरा डाल रखा है। इससे आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल बना हुआ है।
अहले सुबह डाड़ी पंचायत के मुखिया लखनलाल महतो गिद्दी-सी सीसीएल क्वार्टर पहुंचे और हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त की गई दीवारों तथा अन्य स्थानों का जायजा लिया। उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग और अंचलाधिकारी को देते हुए प्रभावित लोगों के लिए उचित राहत कार्य चलाने की मांग की।
वहीं सीसीएल के वरीय कर्मी संतु बेदिया और जयवंत टोप्पो ने हाथियों के आने की सूचना समय पर प्रशासन को देकर सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग किया। उन्होंने हाथियों को रिहायशी क्षेत्र से बाहर निकालने के अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हाथियों के दोबारा लौटने की आशंका से गिद्दी-सी सीसीएल क्वार्टर के लोगों में अब भी डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से हाथियों से निपटने के लिए प्रभावी पहल करने की मांग की है, ताकि लोगों की जान और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इधर, डाड़ी प्रखंड अंचल प्रशासन की ओर से गजराजों से सतर्कता को लेकर क्षेत्र में प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और घरों में सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है।
डाड़ी अंचलाधिकारी कमलाकांत वर्मा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। गजराजों से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार सार्थक पहल की जा रही है।




