धनबाद सदर अस्पताल में नई सुविधाओं की सौगात, डीसी ने किया उद्घाटन

धनबाद सदर अस्पताल में पार्किंग शेड, मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, ओपीडी और आरबीएसके सहित नई सुविधाओं का उद्घाटन हुआ, बच्चों के मुफ्त इलाज की भी घोषणा की गई।

मनीष सिन्हा

धनबाद : धनबाद सदर अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बुधवार को कई नई जन-सुविधाओं की शुरुआत की गई। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से सदर अस्पताल परिसर में कार एवं बाइक पार्किंग शेड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड, ओपीडी और सिविल सर्जन कार्यालय के नवनिर्मित सभागार का उद्घाटन किया।

इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के प्रयासों से धनबाद सदर अस्पताल अब राज्य के बेहतर सदर अस्पतालों में शामिल हो रहा है। उन्होंने अस्पताल के विकास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के सहयोग का भी उल्लेख किया।

मरीजों के लिए पार्किंग से लेकर आधुनिक आयुष्मान वार्ड तक

उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों को व्यवस्थित रखने के लिए सुरक्षित पार्किंग शेड तैयार किया गया है। वहीं मॉड्यूलर आयुष्मान वार्ड को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है। इस वार्ड में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

पुनर्निर्मित ओपीडी परिसर से मरीजों को इलाज की सुविधा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। यहां रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। उपायुक्त ने आयुष्मान वार्ड की व्यवस्था और मरीजों के चेहरों पर संतुष्टि को देखते हुए सदर अस्पताल की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल की टीम निस्वार्थ भाव से बेहतर कार्य कर रही है।

18 साल तक के बच्चों के लिए विशेष कैंप, मुफ्त सर्जरी

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) का उद्घाटन करने के बाद उपायुक्त ने बताया कि जिले में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जल्द पहचान और उपचार के लिए 11 अगस्त से 22 अगस्त तक विशेष कैंप आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत किसी भी बीमारी से पीड़ित बच्चों की जांच और इलाज कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बड़ी से बड़ी सर्जरी भी निःशुल्क कराई जाएगी।

उपायुक्त के अनुसार, अब तक जिले में 700 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिला प्रशासन इन बच्चों की सर्जरी सदर अस्पताल में कराने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा और चिकित्सा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।

जन्मजात बीमारी से पीड़ित बच्चों की सूचना देने की अपील

उपायुक्त आदित्य रंजन ने आम लोगों से अपील की कि उनके आसपास 18 वर्ष से कम उम्र का कोई ऐसा बच्चा हो, जो जन्म से किसी बीमारी से पीड़ित है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को जरूर दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर बच्चे का इलाज कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने लोगों से सरकारी व्यवस्था को इलाज का अवसर देने की अपील करते हुए कहा कि किसी को निराश नहीं किया जाएगा और बच्चों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य सदर अस्पताल को धनबाद का सबसे आधुनिक और सुलभ चिकित्सा केंद्र बनाना है। नई सुविधाओं के शुरू होने से अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार के साथ प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, डीपीएम प्रतिमा कुमारी, डीपीसी रेखा सिंह समेत विभिन्न विभागों के चिकित्सक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *