खनन क्षेत्र में बैटरी तकनीक पर मंथन, DGMS ने आयोजित की राष्ट्रीय संगोष्ठी

DGMS धनबाद की राष्ट्रीय संगोष्ठी में खनन क्षेत्र में बैटरी संचालित उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों के सुरक्षित उपयोग, तकनीक और चुनौतियों पर चर्चा हुई।

मनीष सिन्हा

धनबाद : खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), धनबाद की ओर से “खनन क्षेत्र के लिए बैटरियां – चुनौतियां एवं आगे की राह” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता DGMS धनबाद के महानिदेशक उज्ज्वल ता ने की। मुख्य अतिथि के रूप में IIT-ISM धनबाद के निदेशक प्रोफेसर सुकुमार मिश्रा शामिल हुए।

कार्यक्रम में IIEST शिबपुर के निदेशक प्रोफेसर वी.एम.एस.आर. मूर्ति और CSIR-CIMFR धनबाद के निदेशक प्रोफेसर अरविंद कुमार मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत के साथ हुई।

बैटरी संचालित उपकरणों और EV की सुरक्षा पर चर्चा

राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान खनन उद्योग में बैटरी से संचालित उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी तकनीकी, परिचालन संबंधी तथा सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने खनन क्षेत्र में बैटरी तकनीक के बढ़ते उपयोग और उससे जुड़ी सुरक्षा आवश्यकताओं पर अपने विचार साझा किए।

संगोष्ठी के लिए कुल 32 तकनीकी शोध पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 28 शोध पत्र BMS 2026 में प्रकाशित किए गए। देश के विभिन्न हिस्सों से आए बैटरी निर्माताओं की ओर से भी 14 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।

डीजल आधारित मशीनों पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य

कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य खनन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी आधारित उपकरणों के सुरक्षित एवं अधिकतम उपयोग को बढ़ावा देना रहा। इसके जरिए डीजल आधारित मशीनों और वाहनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया गया।

संगोष्ठी में खनन क्षेत्र में नई तकनीक अपनाने के साथ सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बैटरी आधारित तकनीक को खनन उद्योग के भविष्य से जोड़ते हुए इसके सुरक्षित और प्रभावी उपयोग पर विचार रखे।

सेवानिवृत्त DGMS अधिकारियों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान DGMS के सेवानिवृत्त अधिकारियों और पदाधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनके योगदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

वहीं, WCL की रेस्क्यू टीम को उसकी कार्यकुशलता और बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। टीम के सम्मान के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

राष्ट्रीय संगोष्ठी ने खनन क्षेत्र में बैटरी तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहनों और सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को सामने रखा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार साझा किए।

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