लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध घुमंतू जनजाति (डीएनटी) बोर्ड से संबंधित विधेयक को मंजूरी मिलने पर घुमंतू समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। समाज के पदाधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल गनी बंजारा ने कहा कि डीएनटी बोर्ड का गठन समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की पहल से लंबे समय से लंबित मांग पूरी हुई है।
गौतम नागर के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान अंजय शिल्पकार, राजेश कुमार, आशिक अली नट, दिलीप मास्टर, हिरंजय नायर, सफी बंजारा, करन नाथ, बच्चन प्रसाद सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि डीएनटी बोर्ड का गठन घुमंतू, विमुक्त एवं अर्द्ध घुमंतू समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही शिक्षा, रोजगार, आवास और सामाजिक विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की उम्मीद भी जताई।




