अमेठी : संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल अभ्यस्त अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई और उन्हें न्यायालय से कठोर सजा दिलाने के लिए अमेठी पुलिस ने अपनी अभियोजन पैरवी को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रॉशिक्यूशन लुटेरे” को प्रभावी बनाने के लिए शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने अभियोगों की पैरवी की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. ने की। बैठक में जनपद के सभी थानों के न्यायालय पैरोकार, ऑपरेशन के लिए नामित नोडल उप निरीक्षक तथा मॉनीटरिंग सेल के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। एसपी ने लंबित अभियोगों की स्थिति की समीक्षा करते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ऑपरेशन के तहत पिछले 10 वर्षों के दौरान संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे 10 चिन्हित अभ्यस्त लुटेरों के खिलाफ न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य है कि गंभीर अपराधों में शामिल अभियुक्तों को उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय से कठोर सजा दिलाई जा सके।
बैठक के दौरान हत्या, डकैती, लूट, दुष्कर्म, गैंगस्टर एक्ट और पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर मामलों में अभियोजन पैरवी को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने न्यायालय पैरोकारों से कहा कि अभियोगों से जुड़े गवाहों के सम्मन समय से जारी कराए जाएं और उनकी न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मुकदमों की सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने पैरवी से संबंधित रजिस्टरों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही मॉनीटरिंग सेल प्रभारी को न्यायालय में साक्षियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने और पैरवी की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रभावी अभियोजन पैरवी के जरिए गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में कठोर सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। अमेठी पुलिस की इस कवायद को संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और अभ्यस्त अपराधियों में कानून का भय कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह समेत पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।




