गिरिडीह : देवरी अंचल में रजिस्टर-टू की ऑनलाइन इंट्री के नाम पर कथित रूप से 20 हजार रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। इस मामले को लेकर किसान जनता पार्टी ने मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रति की मांग को लेकर पिछले 57 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों ने गिरिडीह के उपायुक्त और अपर समाहर्ता को पद से बर्खास्त करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने किसान जनता पार्टी के धरना स्थल से समाहरणालय गेट तक मार्च निकालकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शन से पहले धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए किसान जनता पार्टी के केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष सह अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने रिट याचिका संख्या 5925/2022 में 27 फरवरी 2024 को ही राज्य सरकार, गिरिडीह के उपायुक्त और अपर समाहर्ता को जिले के सभी मौजों के रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रतिलिपि उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। इसके बावजूद किसानों को प्रमाणित प्रति नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
अवधेश कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं होने से रैयतों के बीच अपनी जमीन के मूल दस्तावेज को लेकर आशंका बनी रहती है। किसानों को डर है कि रिश्वत नहीं देने की स्थिति में मूल रजिस्टर-टू के पन्नों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। उनका कहना था कि प्रमाणित प्रतिलिपि मिलने से जमीन के रिकॉर्ड को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और ऑनलाइन इंट्री के नाम पर कथित वसूली पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
किसान जनता पार्टी के संयोजक दासो मुर्मू ने आरोप लगाया कि रजिस्टर-टू के एक पन्ने की ऑनलाइन इंट्री कराने के लिए कम से कम 20 हजार रुपये मांगे जाते हैं। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि अधिकारियों ने ऑनलाइन इंट्री के लिए प्रति एकड़ 30 हजार रुपये की दर तय कर रखी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दासो मुर्मू ने कहा कि यदि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार किसानों को रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएं, तो जमीन के रिकॉर्ड के नाम पर कथित अवैध वसूली की गुंजाइश कम हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमाणित प्रतियां नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं और उन्हें अपनी जमीन से जुड़े कामों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
किसान जनता पार्टी ने उपायुक्त और अपर समाहर्ता को नौकरी से बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए। पार्टी नेताओं ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग उठाई।
धरना स्थल पर कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले जोहन मुर्मू और विष्णु सिंह को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद किसानों ने समाहरणालय गेट तक प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन में विजय कुमार, विक्रम मुर्मू, जोशील मरांडी, भागीरथ राय, जहांगीर अंसारी, बटु मरांडी, घनश्याम पंडित, शंभू राय, बिरजू राय, धनेश्वर महतो, छत्रधारी सिंह, संगीता मरांडी, सुनीता मरांडी, कलावती देवी, रीना टुडू, संतोष बास्के, राजेन्द्र यादव, बसिया टुडू, नरोत्तम सिंह, अमरेंद्र सिंह, जसिंता मरांडी और अफसर खान समेत करीब 500 किसान शामिल हुए।
किसानों की प्रमुख मांगें: रजिस्टर-टू की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराना, वायरल वीडियो और कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच करना तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना।




