अमेठी में महाराजी देवी का टिकट लगभग तय? अखिलेश से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल

अखिलेश यादव से महाराजी देवी प्रजापति के परिवार की मुलाकात और वायरल तस्वीरों के बाद अमेठी में सपा टिकट को लेकर नई सियासी चर्चा तेज हो गई है।

अमेठी :  विधानसभा चुनाव की आहट के साथ 186-अमेठी विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं ने एक नया मोड़ ले लिया है। सपा विधायक महाराजी देवी प्रजापति के परिवार की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात और सामने आई तस्वीरों के बाद राजनीतिक हलकों में उनके दोबारा मैदान में उतरने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, आधिकारिक टिकट की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इस मुलाकात को पार्टी नेतृत्व के भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

महाराजी देवी प्रजापति पूर्व कैबिनेट मंत्री और अमेठी की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले गायत्री प्रसाद प्रजापति की पत्नी हैं। गायत्री प्रसाद प्रजापति की अमेठी विधानसभा क्षेत्र में मजबूत जमीनी पकड़ रही है। इसके अलावा प्रजापति समाज और पिछड़े वर्ग की राजनीति में भी उनकी प्रभावशाली पहचान रही है। राजनीतिक रूप से यही विरासत महाराजी देवी प्रजापति के लिए अमेठी में अहम आधार मानी जाती है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में महाराजी देवी प्रजापति ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह को हराकर अमेठी सीट पर सपा का परचम लहराया था। इसके बाद से वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। हालांकि, बीते कुछ समय से उनके टिकट को लेकर पार्टी के भीतर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं और गुटों की ओर से टिकट में बदलाव की संभावनाओं की चर्चा भी होती रही।

इन अटकलों के बीच महाराजी देवी प्रजापति ने क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए रखी। सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को लेकर भी वह चर्चा में रहीं। उन्होंने अपनी पांच वर्ष की विधायक पेंशन गरीब महिलाओं के घरों की रसोई में चूल्हा जलाने के उद्देश्य से दान करने का फैसला लिया था, जिसकी क्षेत्र में काफी चर्चा हुई।

इसी बीच विधायक महाराजी देवी प्रजापति के छोटे पुत्र अनुराग प्रजापति को पुत्र रत्न की प्राप्ति के बाद पूरा प्रजापति परिवार अखिलेश यादव से मुलाकात करने पहुंचा। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि अनुराग प्रजापति, जिला पंचायत सदस्य अरूण प्रजापति और क्षेत्र के वरिष्ठ सपा नेता रुदल यादव भी मौजूद रहे।

मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आते ही अमेठी की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। तस्वीरों में अखिलेश यादव और प्रजापति परिवार के बीच नजर आई सहजता को समर्थक पार्टी नेतृत्व के भरोसे और पुराने राजनीतिक रिश्तों के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, चुनावी माहौल बनने से पहले किसी मौजूदा विधायक के परिवार की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात अपने आप में राजनीतिक संदेश रखती है। अमेठी जैसी चर्चित विधानसभा सीट पर यह मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि स्थानीय स्तर पर टिकट को लेकर अलग-अलग दावों और चर्चाओं के बीच राष्ट्रीय नेतृत्व का रुख महत्वपूर्ण हो जाता है।

गायत्री प्रसाद प्रजापति की जमीनी पकड़, प्रजापति समाज में प्रभाव और पिछड़े वर्ग के बीच राजनीतिक आधार को देखते हुए प्रजापति परिवार को सपा की रणनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। पार्टी नेतृत्व के साथ परिवार के लंबे राजनीतिक संबंध भी इस समीकरण को मजबूत करते हैं।

ऐसे में अखिलेश यादव से हुई ताजा मुलाकात ने महाराजी देवी प्रजापति के टिकट को लेकर चल रही अटकलों को नई दिशा जरूर दी है। हालांकि, अंतिम फैसला पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल अमेठी के राजनीतिक गलियारों में चर्चा यही है कि मौजूदा विधायक को दोबारा मौका मिलने की संभावना मजबूत हुई है।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को भी महाराजी देवी प्रजापति के समर्थक इसी राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं कि अमेठी में टिकट का अंतिम फैसला स्थानीय खींचतान से ज्यादा सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के रुख पर निर्भर करेगा। अब सबकी नजर पार्टी की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

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One Response

  1. बहुत सही रिपोर्ट है। विधायक जी का टिकट कोई काट नहीं सकता, क्योंकि उनके अलावा दूसरा कोई जीत नहीं सकता।

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