यशपाल सिंह
मुसाफिरखाना : आदर्श नगर पंचायत मुसाफिरखाना में बरसात के बीच कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर पंचायत के कई वार्डों में इन दिनों नालियों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि यह काम बारिश शुरू होने से काफी पहले पूरा हो जाना चाहिए था। लोगों का आरोप है कि समय रहते नालियों का निर्माण और उनकी सफाई नहीं होने के कारण पूरे कस्बे में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है।
तहसील मार्ग की स्थिति सबसे अधिक खराब बताई जा रही है। सड़क पर इतना पानी जमा है कि वह तालाब का रूप ले चुकी है। रोजाना राहगीरों, वकीलों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय इंटर कॉलेज के प्रबंधक के आवास और गल्ला मंडी के बीच भी बारिश शुरू होने के बाद से लगातार जलभराव बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पानी की निकासी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में समस्या गंभीर हो जाती है।
गांधी पार्क के आसपास स्थित दुकानों पर भी जलभराव का सीधा असर पड़ रहा है। हाल में हुई बारिश के दौरान कौशल बुक सेंटर समेत कई दुकानों में पानी घुस गया। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि जलभराव की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, यदि नालियों का निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था पांच-छह महीने पहले ही कर दी गई होती तो मौजूदा हालात से बचा जा सकता था। लोगों का कहना है कि बरसात आने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से परेशानी और बढ़ गई है। नागरिक नगर पंचायत प्रशासन से तत्काल प्रभावी जल निकासी व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच नगर पंचायत अध्यक्ष पर चुनावी माहौल के दौरान विकास कार्यों की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि ये स्थानीय नागरिकों द्वारा लगाए गए आरोप हैं। लोगों का कहना है कि कस्बे में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और इसका स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। नागरिकों के बीच यह चर्चा भी है कि जनता इन विकास कार्यों और उनकी टाइमिंग को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।




