बाल विवाह और मानव तस्करी पर सिमडेगा में जागरूकता अभियान तेज

व्यवहार न्यायालय में कार्यशाला के दौरान बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और अन्य शोषण से बचाव के कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी।

 

सिमडेगा : बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल श्रम और बच्चों के साथ होने वाले अन्य प्रकार के शोषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंदों तक कानूनी सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को व्यवहार न्यायालय, सिमडेगा के सभागार में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिमडेगा एवं छोटानागपुर कल्याण निकेतन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में विधिक जागरूकता एवं बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि जेएचएएलएसए के उप सचिव अभिषेक कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेम्ब्रोम, जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ता रामप्रीत समेत अन्य अधिवक्ता, विभिन्न क्षेत्रों से चयनित पारा लीगल वालंटियर तथा छोटानागपुर कल्याण निकेतन के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान दहेज प्रथा, बाल विवाह, नशा मुक्ति, मानव तस्करी, एसिड अटैक, बाल श्रम और बाल संरक्षण जैसे सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर जागरूकता दी गई। वक्ताओं ने ऐसे मामलों में पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता, संरक्षण और अन्य सहायता तंत्र की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

छोटानागपुर कल्याण निकेतन की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों और ग्राम पंचायतों में संचालित जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी साझा की गई। संस्था के प्रतिनिधियों ने बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और अन्य प्रकार के शोषण से प्रभावित बच्चों तथा पीड़ितों को उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग और संरक्षण के बारे में बताया।

कार्यशाला में वंचित और कमजोर परिवारों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने, पात्र पीड़ितों को मुआवजा दिलाने तथा जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जानकारी के अभाव में कई लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में पारा लीगल वालंटियरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

पारा लीगल वालंटियरों को ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय होकर लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता और उपलब्ध सरकारी सहायता तंत्र की जानकारी देने पर जोर दिया गया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार, छोटानागपुर कल्याण निकेतन और पारा लीगल वालंटियरों के बीच बेहतर समन्वय बनाने की बात कही गई।

कार्यशाला में कहा गया कि जिले के दूरदराज के क्षेत्रों तक विधिक जागरूकता और बाल संरक्षण संबंधी सेवाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए लगातार संयुक्त प्रयास जरूरी हैं। इससे बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों की रोकथाम के साथ प्रभावित लोगों को समय पर कानूनी सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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