सिमडेगा : जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के साथ दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सामने आया कि पिछले वर्ष की तुलना में चालू वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने और वाहन जांच अभियान तेज करने का निर्देश दिया। जिला परिवहन पदाधिकारी को प्रतिदिन सघन वाहन जांच अभियान चलाने तथा दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित कराने को कहा गया।
राष्ट्रीय उच्च पथ पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सहायक अभियंता ने बताया कि एस-मोड़ पर क्रैश बैरियर लगाने के लिए संबंधित एजेंसी से पत्राचार किया गया है। जल्द ही क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र में फ्लैंक का कार्य दशहरा से पहले पूरा कराने का निर्देश दिया।
पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत सिमडेगा-कुरडेग पथ (एमडीआर-44) की मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा से पहले कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया, ताकि इस मार्ग पर लोगों का आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।
हाईवे पेट्रोलिंग और आपात सहायता होगी मजबूत
हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने राष्ट्रीय उच्च पथ के सहायक अभियंता को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हाईवे पेट्रोलिंग एवं रिस्पॉन्स टीम की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने दुर्घटना या वाहन खराब होने की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए टोइंग वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
एसपी ने हाईवे पर निर्धारित पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया, ताकि सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के कारण होने वाली परेशानी और संभावित दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
बैठक में हिट एंड रन के लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी पहचान करने और वहां सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्णयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी तरीके से लागू कर दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ आम लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है।
बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सुमन्त तिर्की, जिला परिवहन पदाधिकारी संजय बखला, डीएसपी रनवीर सिंह, सिमडेगा विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह, कोलेबिरा विधायक प्रतिनिधि मो. समी आलम, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




