बाल विवाह पर जागो फाउंडेशन की मुहिम तेज, छात्रों ने ली रोकथाम की शपथ

गिरिडीह के धनयडीह स्कूल में जागो फाउंडेशन ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम किया, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने रोकथाम की शपथ ली।

विलियम जैकब 

गिरिडीह : बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जागो फाउंडेशन ने क्राई-ए.एम. के सहयोग से पी.एम. श्री उच्च विद्यालय धनयडीह, गिरिडीह में जागरूकता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और उपस्थित अभिभावकों ने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने तथा इसे रोकने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना समन्वयक सरोजित कुमार ने कहा कि बाल विवाह बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, अधिकार और भविष्य के अवसरों पर गंभीर असर डालता है। कम उम्र में विवाह के कारण कई बालिकाओं की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है और उनके सपने अधूरे रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में मां बनने से जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना रहता है।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए किशोर-किशोरियों, अभिभावकों, शिक्षकों, समुदाय और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर लगातार प्रयास करना होगा। जागरूकता फैलाने के साथ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

जागो फाउंडेशन के प्रतिनिधि गेंदो प्रसाद वर्मा ने बताया कि संस्था की ओर से गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ अभिभावकों को बच्चों का कम उम्र में विवाह कराने के बजाय उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के जरिए बच्चे उच्च शिक्षा हासिल कर बेहतर रोजगार और सरकारी सेवा के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक संजीव कुमार ने कहा कि जागो फाउंडेशन के लगातार प्रयासों से क्षेत्र में बाल विवाह को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। अब कई अभिभावक बच्चों का बाल विवाह कराने के बजाय उनकी शिक्षा पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को निरंतर शिक्षा से जोड़कर उच्च शिक्षा दिलाने से वे अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे और परिवार, समाज तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका शिखा कुमारी ने कहा कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों को प्रभावित करता है। उन्होंने सभी से संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि न तो स्वयं बाल विवाह करेंगे और न ही इसका समर्थन करेंगे। यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो संबंधित पदाधिकारी को सूचना देकर उसे रोकने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने आर्थिक और सामाजिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को सहयोग देने तथा उन्हें दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए परिवार और समाज दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

कार्यक्रम के दौरान महेंद्र दास ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई। सभी ने अपने परिवार, विद्यालय और समुदाय में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक बालक-बालिका की शिक्षा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

साथ ही, बाल विवाह की आशंका होने पर संबंधित पदाधिकारी को सूचना देकर उसे रोकने का प्रयास करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाओं

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