विलियम जैकब
गिरिडीह : गिरिडीह जिले के गांवा प्रखंड क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की रोक के बावजूद सकरी नदी समेत आसपास की कई नदियों से अवैध रूप से बालू उठाव किए जाने का मामला सामने आया है। डावर, कोनी और पथलडीहा गांव के आसपास कथित रूप से बालू का उठाव धड़ल्ले से जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बालू माफियाओं द्वारा दिन-रात ट्रैक्टरों में बालू भरकर गांवा प्रखंड से सटे तीसरी और राजधनवार प्रखंड क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। आरोप है कि वहां बालू को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोक के बावजूद जारी इस गतिविधि से झारखंड सरकार के राजस्व को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अवैध बालू उठाव के खिलाफ नाममात्र की कार्रवाई होने के कारण कारोबार में शामिल लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी क्षेत्रों में नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
मामले में अनुमंडल पदाधिकारी, खोरी महुआ, समीर रेनियल खलको ने कहा कि अवैध बालू उत्खनन करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं थाना प्रभारी जयप्रकाश कुमार ने बताया कि अवैध बालू उठाव के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही बालू अनलोड करते हुए एक ट्रैक्टर को पकड़ा गया है और उसे जब्त कर लिया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार, अवैध बालू कारोबार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय स्तर पर लगातार हो रहे कथित अवैध बालू उठाव को लेकर ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर हैं कि नदी क्षेत्रों में अवैध खनन पर कितनी प्रभावी रोक लगाई जाती है।




