नावाडीह I रिमझिम बारिश के बीच बरई पंचायत में एक परिवार के सिर से पुश्तैनी छत छिन गई। लगातार हो रही बारिश के दौरान जगदेव प्रसाद का वर्षों पुराना मिट्टी का मकान अचानक भरभराकर ढह गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य घर से बाहर निकल चुके थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है।
बताया गया कि लगातार बारिश के कारण मकान की पुरानी मिट्टी की दीवारें काफी कमजोर हो गई थीं। इसी बीच अचानक मकान का एक बड़ा हिस्सा धराशायी हो गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल बन गया।
मकान गिरने की सूचना मिलने पर युवा आजसू नेता सह पूर्व नावाडीह सांसद प्रतिनिधि दीपू अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर नुकसान का जायजा लिया और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
पीड़ित जगदेव प्रसाद ने बताया कि उम्र ढलने के बावजूद उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि इस बार उनकी पुत्रवधू गुड़िया देवी का नाम प्रधानमंत्री आवास की सूची में शामिल हुआ है, लेकिन आवास कब तक मिलेगा, यह अभी भी परिवार के लिए बड़ा सवाल बना हुआ है।
मकान गिरने के बाद परिवार ने नावाडीह बीडीओ से तत्काल राहत उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि जब तक पक्का आवास नहीं मिलता, तब तक कम से कम गाय शेड उपलब्ध करा दिया जाए, ताकि लगातार बारिश के बीच उन्हें अस्थायी सहारा मिल सके।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द पहल करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल राहत के साथ स्थायी आवास की व्यवस्था करना जरूरी है।




