बोकारो। इस्पात नगरी की बेशकीमती जमीन पर अब कथित भूमाफिया की नजर होने की बात सामने आ रही है। बीएसएल की अधिगृहीत जमीन को कथित फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने, खरीदने और फिर चहारदीवारी खड़ी कर कब्जाने की शिकायतों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। कंपनी की जमीन पर हो रही इन गतिविधियों की भनक लगते ही बीएसएल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। कई स्थानों पर नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में संपदा न्यायालय के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने की तैयारी है। बीएसएल के अधिकारियों के अनुसार, हैसाबातू पंचायत के हीरटांड़ समेत कई इलाकों में कंपनी की अधिगृहीत जमीन की कथित खरीद-बिक्री की जानकारी सामने आई है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि कंपनी के स्वामित्व वाली जमीन से जुड़े दस्तावेज आखिर किस आधार पर तैयार किए गए और इनके जरिए जमीन के सौदे कैसे किए गए। प्रबंधन अब ऐसे मामलों में दस्तावेजों की वैधता और जमीन की वास्तविक स्थिति की पड़ताल कर रहा है।
दो एकड़ जमीन घेरकर खड़ी कर दी चहारदीवारी :
चास प्रखंड के झोपरो मौजा में करीब दो एकड़ अधिगृहीत जमीन को पक्की चहारदीवारी से घेरने का मामला सामने आया है। बीएसएल प्रबंधन ने इस मामले में जगत पति सिंह को नोटिस जारी किया है। 17 अगस्त को चहारदीवारी पर नोटिस चिपकाकर एक सप्ताह के भीतर निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया। प्रबंधन के अनुसार, संबंधित जमीन कंपनी के स्वामित्व में है और चहारदीवारी कथित तौर पर ऐसे दस्तावेजों के आधार पर बनाई गई है, जिनकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
भतुआ से सेक्टर-11 तक जमीन पर कब्जे की शिकायतें :
बीएसएल अधिकारियों के मुताबिक भतुआ पंचायत के काली मंदिर के आसपास तथा सेक्टर-11 से दामोदर ब्रीच जाने वाली सड़क के किनारे भी कंपनी की अधिगृहीत जमीन पर कथित रूप से खरीद-बिक्री और चहारदीवारी निर्माण की शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा चुकी है। संपदा न्यायालय से आदेश मिलने के बाद संबंधित चहारदीवारियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
रामडीह मोड़ पर भी नजर, जांच के बाद होगी कार्रवाई :
सेक्टर-9 के पास रामडीह मोड़ इलाके में भी बीएसएल प्रबंधन जमीन की स्थिति की जांच करेगा। जांच में यदि कंपनी की अधिगृहीत जमीन पर मकान, चहारदीवारी या अन्य निर्माण पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ है कि प्रबंधन अब कंपनी की जमीन पर किसी भी तरह के कथित अतिक्रमण को लेकर गंभीरता से कार्रवाई के मूड में है।
जमीन खरीदारों के लिए बीएसएल की सीधी चेतावनी :
बीएसएल ने लोगों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और सभी कानूनी दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच जरूर करें। कंपनी की अधिगृहीत जमीन की कथित खरीद-बिक्री में फंसने पर खरीदारों को कानूनी कार्रवाई के साथ भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।बीएसएल की जमीन पर सामने आ रहे इन मामलों ने बोकारो में जमीन के कारोबार को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर जमीन कंपनी की है तो उसके सौदे के लिए दस्तावेज कहां से आए और इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों का नेटवर्क कितना बड़ा है? अब निगाहें बीएसएल की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।




