मनीष सिन्हा
धनबाद : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सोमवार को धनबाद जिले के कतरास, झरिया और बाघमारा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी ली और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ईआरओ, एईआरओ, अतिरिक्त एईआरओ, बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता, पारदर्शिता और पूरी जवाबदेही के साथ निभानी होगी।
उन्होंने विशेष रूप से चेतावनी दी कि जिन मतदान केंद्रों पर SIR के कार्य में शिथिलता या लापरवाही सामने आएगी, वहां संबंधित बीएलओ सुपरवाइजर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया गया कि पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की कोताही मिलने पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करें।
के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना निर्वाचन से जुड़े प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए मतदाता सूची का त्रुटिरहित और समावेशी होना जरूरी है। ऐसे में लापरवाही या औपचारिकता निभाने की प्रवृत्ति किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटे और किसी विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाता सूची से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों की गंभीरता से जांच करते हुए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर को क्षेत्र में सक्रिय रहने तथा मतदाताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। साथ ही मतदाता सूची से संबंधित जरूरी प्रक्रियाओं में लोगों को सहयोग देने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि एक परिवार और घर के मतदाताओं को यथासंभव एक ही मतदान केंद्र की सूची में दर्ज किया जाए। पात्र युवा भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 और घोषणापत्र भरने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। वहीं, यदि किसी मतदाता के नाम, पते, उम्र या अन्य विवरण में कोई विसंगति है तो उसे सुधार के लिए फॉर्म-8 भरवाने का निर्देश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर SIR के कार्यों की लगातार निगरानी करने और निर्धारित समयसीमा में सभी प्रक्रियाएं पूरी करने पर जोर दिया। उनके निरीक्षण के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में जुटे अधिकारियों और कर्मियों के बीच जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।




