फतेहपुर : बिन्दकी कस्बे में मां काली मंदिर ट्रस्ट की भूमि को लेकर चल रहा विवाद अब मारपीट और पुलिस कार्रवाई की मांग तक पहुंच गया है। जहानपुर निवासी गुलशन दुबे पुत्र राम दुलारे ने पुलिस अधीक्षक फतेहपुर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि ट्रस्ट की भूमि को लेकर विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़ित के प्रार्थना पत्र के मुताबिक वह मां काली मंदिर ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि ट्रस्ट की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर कब्जे और निर्माण का प्रयास किया जा रहा था। ट्रस्ट के सदस्यों की ओर से इसका विरोध किए जाने के बाद विवाद की स्थिति बनी और उन्हें धमकाया जाने लगा।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 9 अगस्त 2026 की शाम करीब आठ बजे कुछ लोगों ने गुलशन दुबे के साथ कथित रूप से मारपीट की। आरोप है कि लाठी-डंडों से हमला करने के साथ उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस सहायता के लिए 112 नंबर पर सूचना देने की बात भी प्रार्थना पत्र में कही है।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उसने थाना बिन्दकी में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उसके मुताबिक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में चिकित्सकीय परीक्षण कराए जाने और घटना से संबंधित रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है।
मामले में गुलशन दुबे ने रवीन्द्र शुक्ला समेत अन्य नामजद व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की धमकी और अन्य कथित कृत्यों को लेकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील पुलिस अधीक्षक से की है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव के कारण कार्रवाई प्रभावित हो रही है और उसे लगातार भय बना हुआ है।
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा आरोपों की सत्यता सामने आने के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा की भी मांग रखी है।
फिलहाल मंदिर ट्रस्ट की भूमि से जुड़े इस विवाद और मारपीट के आरोपों पर पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। शिकायत के आधार पर जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विवाद की वास्तविक स्थिति क्या है।




