मनीष सिंह
महुआडांड़ : प्रखंड परिसर में प्रखंड स्तरीय सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन प्रक्रिया को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुण्डारी ने की। कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को वन संरक्षण और सामुदायिक वन संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुण्डारी ने वन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जानकारी देते हुए जंगलों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वनों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षक आलोक उरांव और महेंद्र प्रसाद साव ने जंगल, वन संसाधनों तथा उनके संरक्षण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने, हरे पेड़ों की कटाई रोकने और जंगलों को नष्ट होने से बचाने के उपायों के बारे में बताया गया।
अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कहा कि वन पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ ग्रामीणों के जीवन और आजीविका का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। ऐसे में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से वन संसाधनों का संरक्षण और उनका बेहतर प्रबंधन समय की जरूरत है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हुए। उन्होंने वन संरक्षण और सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्राप्त की और जंगलों की सुरक्षा में अपनी भूमिका को लेकर जागरूकता हासिल की।




