गिरिडीह : गिरिडीह कॉलेज में कथित फर्जी निकासी के मामले को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद और आंदोलन के बीच कॉलेज को नया प्रभारी प्राचार्य मिल गया है। आरके महिला कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केएन शर्मा को गिरिडीह कॉलेज का नया प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया है। शनिवार को डॉ. शर्मा ने गिरिडीह कॉलेज पहुंचकर विधिवत पदभार ग्रहण किया।
पदभार संभालने के बाद डॉ. केएन शर्मा सबसे पहले कॉलेज परिसर में पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों और समस्याओं को सुना। इसके बाद जूस पिलाकर नौ दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त कराई।
इस दौरान डॉ. केएन शर्मा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी के सहयोग से गिरिडीह कॉलेज में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना और कॉलेज को आगे बढ़ाना है। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से सहयोग की अपील की।
बताया जाता है कि गिरिडीह कॉलेज में कथित फर्जी निकासी के मामले को लेकर ABVP कार्यकर्ता तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य डॉ. एमएन सिंह को हटाने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
दो दिन पूर्व विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चंद्र भूषण शर्मा भी गिरिडीह कॉलेज पहुंचे थे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी कर डॉ. एमएन सिंह को मेडिकल लीव पर भेजा गया और डॉ. केएन शर्मा को गिरिडीह कॉलेज का प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया।
नए प्रभारी प्राचार्य के पदभार संभालने और छात्रों की भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद कॉलेज में लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान और शैक्षणिक व्यवस्था को सामान्य करने की उम्मीद जगी है। हालांकि, कथित फर्जी निकासी से जुड़े आरोपों की जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर छात्रों की नजर अब विश्वविद्यालय के अगले कदम पर बनी हुई है।




