नदीमअंसारी
बुढ़मू : राजधानी रांची के अंजुमन इस्लामिया सभागार में बुधवार को रांची जिला मोमिन कॉन्फ्रेंस की ओर से एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में मोमिन समाज से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। समाज के सर्वांगीण विकास और हक-अधिकारों की रक्षा के लिए उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से 11 सूत्री प्रस्ताव पारित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची जिला मोमिन कॉन्फ्रेंस के जिलाध्यक्ष शमीम अख्तर आजाद ने की। जिला उपाध्यक्ष युनूस अहमद अंसारी ने कार्यक्रम का संचालन किया। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के तौर पर ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फिरोज अहमद अंसारी शामिल हुए। वहीं, कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली अंसारी, कार्यकारी अध्यक्ष मंजूर अहमद अंसारी और राष्ट्रीय महासचिव सगीर अंसारी ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन में पारित 11 सूत्री प्रस्ताव में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के स्वतंत्र प्रबंधन और उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा उर्दू शिक्षकों की जल्द बहाली, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, मदरसा शिक्षा बोर्ड और उर्दू अकादमी के गठन की मांग भी उठाई गई।
प्रस्ताव में मॉब लिंचिंग के खिलाफ प्रभावी कानून बनाने, एसआईआर के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और आरक्षण में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, बुनकरों के कल्याण और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग रखी गई।
विशिष्ट अतिथि कांके विधायक सुरेश कुमार बैठा ने सम्मेलन में उठाई गई मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 11 सूत्री प्रस्ताव को राज्य सरकार तक प्रमुखता से पहुंचाया जाएगा। साथ ही समाज की जायज मांगों को पूरा कराने के लिए अपनी ओर से हरसंभव पहल करने का आश्वासन दिया।
सम्मेलन में रेशमा बेगम, अख्तरी बेगम, असगरी खातून, तस्लीम अंसारी, फातिमा खातून, नसरीन खातून, सलामत अंसारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।



