सिमडेगा : जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त कंचन सिंह ने देर शाम विभिन्न छात्रावासों और जिला पुस्तकालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। आवासन, खानपान, स्वच्छता, सुरक्षा, खेल प्रशिक्षण और पढ़ाई की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने हॉकी बालिका खेल छात्रावास (सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स), आदिवासी बालक छात्रावास, सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बॉयज तथा इंटरनेशनल स्टेडियम स्थित हॉकी बालक खेल छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे विद्यार्थियों और खिलाड़ियों से बातचीत कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही रसोईघर का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता भी परखी।
खिलाड़ियों को मेहनत और पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मैदान और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत और लगन के साथ खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए, ताकि वे जिले का नाम देशभर में रोशन कर सकें।
उन्होंने खेल के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को भी समान महत्व देने पर जोर दिया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रावासों में खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिले तथा उनकी बुनियादी जरूरतों का उचित ध्यान रखा जाए।
बालिका छात्रावासों की सुरक्षा और मेडिकल सुविधा पर जोर
इसके बाद उपायुक्त ने पार्वती शर्मा इंटर कॉलेज परिसर स्थित आदिवासी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए छात्रावासों में जरूरी दवाओं से युक्त मेडिकल किट रखने को भी कहा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और आवश्यक कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
जिला पुस्तकालय की कमियां जल्द दूर करने का निर्देश
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त जिला पुस्तकालय भी पहुंचीं। वहां पुस्तकालय के संचालन और विद्यार्थियों को उपलब्ध अध्ययन सुविधाओं की जानकारी ली गई। उन्हें बताया गया कि जिला पुस्तकालय सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक खुला रहता है। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को जल्द दूर करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश केरकेट्टा को दिया गया।
इस निरीक्षण का उद्देश्य छात्रावासों और पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर उन्हें बेहतर बनाना है, ताकि खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को खेल तथा पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सुमन्त तिर्की, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार और नजारत उप समाहर्ता-सह-जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक उपस्थित रहे।




