छतरपुर । छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में संचालित सुलभ शौचालयों की स्थिति इन दिनों बेहद खराब है। सफाई और रखरखाव के अभाव में शौचालय गंदगी से पटे हैं। हालात यह है कि लोगों को नाक बंद कर इनके सामने से गुजरना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ रहा है।
शहरवासियों को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी विश्वजीत महतो के कार्यकाल में तीन सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इनमें छतरपुर प्रखंड कार्यालय परिसर के बाहर, बाजार परिसर और बारा फुलवारी मैदान के पास शौचालय शामिल हैं। इसके अलावा बस स्टैंड के समीप पूर्व में विधायक कोटे से भी शौचालय का निर्माण कराया गया था।
निर्माण के बाद बस स्टैंड के समीप स्थित शौचालय कई माह तक बंद रहा। बाद में नगर पंचायत की पहल पर इसे फिर से संचालित किया गया। बताया जाता है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगर पंचायत क्षेत्र में तीन शौचालयों का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद से ही इनके रखरखाव और संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। स्थानीय लोगों की पहल के बाद इन्हें खुलवाया गया।
इसके बाद शौचालयों के रखरखाव की जिम्मेदारी सुलभ इंटरनेशनल कंपनी को दी गई। इसके लिए नगर पंचायत की ओर से लाखों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी द्वारा शौचालयों का नियमित रखरखाव और सुचारू संचालन नहीं किया जा रहा है। प्रत्येक शौचालय पर एक स्वीपर रखने की व्यवस्था भी बनाई गई है, लेकिन सफाई व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही है।
नगर क्षेत्र में बने मूत्रालयों की स्थिति भी बदहाल बताई जा रही है। लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए ये स्थल अब गंदगी और दुर्गंध का कारण बन गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी फैजुल रहमान ने बताया कि समस्या को लेकर विभाग को कई बार पत्र लिखा गया है। पिछले छह माह से संबंधित एजेंसी को भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शौचालयों में गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं और मामले में कार्रवाई की जाएगी।




