15वें वित्त आयोग की योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता: उपायुक्त

विकास कार्यों में शिथिलता पर होगी कठोर कार्रवाई, समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश गिरिडीह: 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित विकासात्मक एवं क्रियाशील योजनाओं की समीक्षा को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री रामनिवास

विकास कार्यों में शिथिलता पर होगी कठोर कार्रवाई, समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश

गिरिडीह: 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित विकासात्मक एवं क्रियाशील योजनाओं की समीक्षा को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में प्रखंडवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री रामनिवास यादव ने की।

बैठक में बेंगाबाद, पीरटांड़, बिरनी, सरिया, देवरी और तिसरी प्रखंडों में संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति, प्रगति, वित्तीय व्यय, लंबित कार्यों और कार्यों की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।

इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मुनिया देवी, उप विकास आयुक्त श्रीमती स्मृता कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी श्री तेज कुमार हांसदा सहित संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रमुख, मुखिया, पंचायत सचिव, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, कनीय अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की योजनाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं को मजबूत करना है। इसलिए सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा, स्वीकृत मानकों और वित्तीय नियमों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।

उन्होंने पंचायत सचिवों और कनीय अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी और कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को लंबित योजनाओं का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने योजनाओं से संबंधित अभिलेखों को अद्यतन रखने, वित्तीय प्रगति का सत्यापन करने और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर जोर दिया।

बैठक में वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने कहा कि स्वीकृत योजनाओं के लिए उपलब्ध राशि का नियमानुसार और समय पर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राशि अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

विलियम जैकब
लोक मंत्र न्यूज़ पोर्टल

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