रेल सुविधा, आईटी उद्योग, पर्यावरण सुधार और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर मांगी जानकारी
धनबाद: धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में धनबाद और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने रेल सुविधा, रोजगार, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास जैसे विषयों पर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
यशवंतपुर–धनबाद एक्सप्रेस को नियमित करने की मांग
सांसद ढुलू महतो ने लोकसभा में गाड़ी संख्या 06563/06564 यशवंतपुर–धनबाद एक्सप्रेस स्पेशल को नियमित रूप से चलाने और इसके मार्ग को बोकारो स्टील सिटी, रांची, राउरकेला और तिरुपति होकर संचालित करने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि इससे यात्रा की दूरी लगभग 2,643 किलोमीटर से घटकर 2,052 किलोमीटर हो सकती है और यात्रियों के समय की बचत होगी।
रेल मंत्रालय ने अपने जवाब में बताया कि फरवरी से अप्रैल 2026 के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त मांग को देखते हुए इस स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया गया था। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 23 मार्च 2026 से 16619/16620 पोत्तनूर–धनबाद अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की गई है, जिससे रांची, बोकारो और धनबाद क्षेत्र के यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिली है।
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रेल सेवाओं का नियमितीकरण और नए मार्गों पर संचालन ट्रैक क्षमता, उपलब्ध रैक, रखरखाव, यातायात मांग और अन्य परिचालन पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।
धनबाद में सॉफ्टवेयर पार्क और आईटी उद्योग को बढ़ावा देने का मुद्दा उठाया
सांसद ने शिक्षा मंत्रालय से धनबाद जैसे तकनीकी रूप से समृद्ध क्षेत्र में आधुनिक सॉफ्टवेयर पार्क या उद्योग-अकादमिक नवाचार केंद्र स्थापित करने की योजना पर जानकारी मांगी।
उन्होंने कहा कि धनबाद में आईआईटी (आईएसएम), बीआईटी सिंदरी और सीएसआईआर-सीआईएमएफआर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं, जहां से बड़ी संख्या में तकनीकी युवा तैयार होते हैं। लेकिन स्थानीय स्तर पर आईटी उद्योग के अवसर सीमित होने के कारण युवाओं को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है।
सरकार ने जवाब में बताया कि आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के माध्यम से करीब 150 स्टार्टअप को इनक्यूबेशन सहायता दी गई है। संस्थान कई इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन केंद्र संचालित कर रहा है। साथ ही सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का केंद्र बीआईटी सिंदरी परिसर में कार्यरत है, जहां आईटी अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, हाई-स्पीड डेटा सेवाएं और स्टार्टअप सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
धनबाद–बोकारो पर्यावरण सुधार का मुद्दा भी उठाया
सांसद ढुलू महतो ने धनबाद–बोकारो क्षेत्र में प्रदूषण, हरित पट्टी विकास, भूजल संरक्षण और वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जानकारी मांगी।
सरकार ने बताया कि वर्ष 2018 के मूल्यांकन में धनबाद का सीईपीआई स्कोर 59.78 दर्ज किया गया था और इसे अन्य प्रदूषित क्षेत्र (ओपीए) की श्रेणी में रखा गया है।
मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय हरित भारत मिशन, नगर वन योजना, वृक्षारोपण अभियान और “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं।
विस्थापित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया
सांसद ने इस्पात मंत्रालय से सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उपक्रमों के कारण विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास, रोजगार और लंबित मामलों की जानकारी मांगी।
सरकार ने बताया कि सेल, आरआईएनएल और एनएमडीसी स्टील लिमिटेड जैसे उपक्रमों में पुनर्वास कार्य संबंधित राज्य सरकारों की नीति और उस समय लागू नियमों के अनुसार किया गया है। पुनर्वास नीति के तहत विस्थापित परिवारों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाती है और अब तक 35,000 से अधिक विस्थापित व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद संसदीय क्षेत्र का विकास, बेहतर रेल सुविधा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, आधुनिक औद्योगिक एवं आईटी ढांचे का विस्तार, स्वच्छ पर्यावरण और विस्थापित परिवारों के अधिकार उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि संसद के माध्यम से वे लगातार क्षेत्र की समस्याओं को केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे।
रिपोर्ट: मनीष सिन्हा
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