बरटोली में प्रपत्र-7 को लेकर फिर विवाद, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

अम्बवाटोली पंचायत के बरटोली में ग्रामीणों ने प्रपत्र-7 की प्रक्रिया में कथित अनियमितता और बीएलओ पर दबाव के आरोप लगाए, प्रशासन से जांच की मांग की।

मनीष सिंह 

महुआडांड़ : प्रखंड के अम्बवाटोली पंचायत अंतर्गत बरटोली गांव में मतदाता सूची से नाम हटाने से संबंधित प्रपत्र-7 को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। कई ग्रामीणों ने प्रपत्र-7 की प्रक्रिया में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि भाजपा के महुआडांड़ प्रखंड सदस्य अनिल कुमार ने अम्बवाटोली पंचायत की बीएलओ इमिल्दा गिद्ध पर कथित रूप से दबाव बनाया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी पर किसी तरह का दबाव बनाए जाने की शिकायत गंभीर विषय है और इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रपत्र-7 में पहले से नाम प्रिंट होने पर सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ प्रपत्र-7 में उस व्यक्ति का नाम पहले से प्रिंटेड दिखाई दे रहा है, जिसका नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि संबंधित प्रपत्रों में मतदाताओं के नाम पहले से किस आधार पर और किसके द्वारा दर्ज किए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में नियमों और पारदर्शिता का पूरी तरह पालन किया जाना जरूरी है। उनका तर्क है कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता होने पर पात्र मतदाताओं के मताधिकार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

पहले भी उठ चुका है प्रपत्र-7 का मुद्दा

स्थानीय लोगों के अनुसार, महुआडांड़ क्षेत्र में इससे पहले भी प्रपत्र-7 के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने को लेकर विवाद सामने आ चुका है। ऐसे में बरटोली में सामने आए नए मामले ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्वाचन विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित प्रपत्रों की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि उनमें नाम पहले से दर्ज होने की वास्तविक वजह क्या है।

इन सवालों के जवाब का इंतजार

मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। प्रपत्र-7 में मतदाता का नाम पहले से प्रिंट होकर कैसे आया? संबंधित प्रपत्रों को किस स्तर पर तैयार किया गया? क्या बीएलओ पर किसी प्रकार का दबाव बनाया गया और यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए। यदि जांच में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

हालांकि, बीएलओ इमिल्दा गिद्ध पर अनिल कुमार द्वारा दबाव बनाए जाने का आरोप फिलहाल ग्रामीणों के कथन पर आधारित है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का बयान सामने आने पर खबर में उसे भी शामिल किया जा सकता है।

मौके पर महुआडांड़ प्रखंड मंडल अध्यक्ष नुरुल हसन अंसारी, कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष नसीम अंसारी, अम्बवाटोली पंचायत की मुखिया रौशनी कुजूर, कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष संजय तिग्गा, युवा कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष पप्पु खान, खेल प्रभारी शहीद अख्तर, सोशल मीडिया चेयरमैन लातेहार सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *