सुधीर रंजन
लखनऊ : काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष के अवसर पर लखनऊ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के अमर क्रांतिकारियों और मां भारती के वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने काकोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘वन्दे मातरम्’ तथा काकोरी के शहीदों और शासकीय अभिलेखों पर आधारित ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ पुस्तिकाओं का विमोचन किया। इस अवसर पर देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों का बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है। आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महानायकों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव को चुनौती दी थी और क्रांतिकारियों का साहस, त्याग तथा राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों को प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित करते हुए राष्ट्र की रक्षा में बलिदान देने वाले परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीरों और उनके परिवारों का सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी काकोरी ट्रेन एक्शन को क्रांतिकारियों के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बता चुके हैं। वर्ष 2024 में प्रयागराज में आयोजित काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा था कि इस ऐतिहासिक घटना को ‘कांड’ कहना उचित नहीं है। इसी विचार के तहत इसका नाम ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ किए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने शताब्दी वर्ष के दौरान क्रांतिकारियों की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया था।
मौर्य ने दिसंबर 2025 में भी काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों को श्रद्धांजलि देते हुए पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और रोशन सिंह जैसे अमर क्रांतिकारियों के योगदान को याद किया था। उन्होंने कहा था कि इन क्रांतिकारियों के साहस और सर्वोच्च बलिदान ने ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया था और उनका त्याग देश की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी काकोरी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान को याद किया गया।
काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की उन ऐतिहासिक घटनाओं में शामिल है, जिसने ब्रिटिश शासन को सीधी चुनौती दी थी। प्रदेश सरकार की ओर से शताब्दी आयोजन के माध्यम से क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
वर्ष 2024 से शुरू हुए शताब्दी आयोजनों के दौरान शहीद स्मारकों और स्मृति स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करने के साथ शहीदों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित करने की पहल भी की गई। इन आयोजनों का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके नायकों की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।




