मुंबई : रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह की डिजिटल कारोबार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) ने निवेशकों की भागीदारी के मामले में नया इतिहास रच दिया है। 23 अक्टूबर 2026 को बोली प्रक्रिया के दौरान इस IPO के लिए एक करोड़ से अधिक आवेदन मिलने की खबर सामने आई। इसके साथ ही यह एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला दुनिया का पहला IPO बताया गया। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की श्रेणी में भी 16 गुना से अधिक अभिदान दर्ज किया गया, जो बड़े निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दर्शाता है।
कंपनी का IPO 21 अक्टूबर को खुला था और 23 अक्टूबर को आवेदन प्रक्रिया समाप्त हो गई। इस सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार करीब 30,213 करोड़ रुपये रखा गया है। इश्यू के तहत 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इस बड़े निर्गम के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स भारतीय पूंजी बाजार के प्रमुख IPO में शामिल हो गया है। अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन और 28 अक्टूबर को प्रस्तावित शेयर बाजार में लिस्टिंग पर टिकी है।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई मजबूत दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में योग्य संस्थागत खरीदारों की भागीदारी खास चर्चा का विषय रही। इस श्रेणी में म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, बैंक, वित्तीय संस्थान और विदेशी संस्थागत निवेशक जैसे बड़े निवेशक शामिल होते हैं।
उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर को दोपहर के आसपास QIB श्रेणी में अभिदान 16 गुना से अधिक पहुंच गया था। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में करीब 10 गुना अभिदान दर्ज किया गया। खुदरा निवेशकों की श्रेणी में भी लगभग दो गुना मांग देखने को मिली। इन आंकड़ों से IPO में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों की भागीदारी का पता चलता है।
अब बाजार की नजर शेयर आवंटन की प्रक्रिया और प्रस्तावित लिस्टिंग पर है। एक करोड़ से अधिक आवेदन मिलने की खबर के बाद निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि शेयरों का आवंटन किस तरह होगा और बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहता है।




