हजारीबाग I मां दुर्गा की भक्ति और आस्था से जुड़ी बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति अपनी 26वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की तैयारी में जुट गई है। दुर्गा पूजा महोत्सव को भव्य, दिव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने को लेकर महासमिति की दूसरी बैठक सचिव दीप नारायण निषाद की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरुआत मां दुर्गा के जयकारे और ‘जय माता दी’ के उद्घोष के साथ हुई। इसके बाद पूजा आयोजन से जुड़ी तैयारियों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
वर्ष 2001 में स्थापना के बाद से बड़ा बाजार दुर्गा पूजा महासमिति लगातार मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। 26 वर्षों की यह यात्रा शहर में महासमिति की अलग पहचान बना चुकी है। इस वर्ष भी सदस्यों का लक्ष्य पिछले आयोजनों की तुलना में पूजा को और भव्य एवं आकर्षक स्वरूप देना है, ताकि श्रद्धालुओं को आस्था और भक्ति से भरा माहौल मिल सके।
महासमिति की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक लॉटरी ड्रा कूपन का आयोजन किया जाएगा। लॉटरी में विभिन्न आकर्षक पुरस्कार रखे जाएंगे। इसके लिए श्रद्धालुओं के बीच उत्साह बढ़ाने और पूजा महोत्सव को और खास बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नवरात्र के नौ दिनों में बड़ा बाजार और आसपास का इलाका मां दुर्गा की भक्ति में डूबा रहता है। पूजा पंडाल, धार्मिक कार्यक्रम और माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। महासमिति के सदस्य इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी आयोजन को आकर्षक और भव्य बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
महासमिति से 600 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि पूजा-अर्चना और आयोजन की व्यवस्थाओं का संचालन सदस्यों से प्राप्त सदस्यता शुल्क के माध्यम से किया जाता है। सदस्य आपसी सहयोग और समर्पण के साथ पूरे आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।
महासमिति के सचिव दीप नारायण निषाद ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा से इस वर्ष पूजा-अर्चना और भी भव्य एवं दिव्य रूप में संपन्न होगी। 26वीं वर्षगांठ को ऐतिहासिक बनाने के लिए महासमिति के सभी सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ तैयारियों में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और उत्साह को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी लॉटरी ड्रा कूपन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।
बैठक में दीप नारायण निषाद, बालगोविंद निषाद, दिलीप जायसवाल, पवन रावत खंडेलवाल, नरेश निषाद, प्रमोद खंडेलवाल, दिलीप सोनी, महेंद्र गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, गुड्डन सोनकर, उपेंद्र सिन्हा, राजेश सिन्हा, लक्ष्मण निषाद, रितेश खंडेलवाल सहित महासमिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।



