फ्लोराइड के दंश से घड़बड़ गांव को मिलेगी राहत, 5,000 परिवारों को शुद्ध पानी की उम्मीद

घड़बड़ गांव में फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या दूर करने की पहल तेज, विधायक चन्द्रदेव महतो ने विधानसभा से विभागीय स्तर तक उठाया था मामला।

 

घड़बड़ : बलियापुर-सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के घड़बड़ गांव में फ्लोराइडयुक्त पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। गांव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने की दिशा में निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल से करीब 5,000 परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सिंदरी के विधायक चन्द्रदेव महतो ने लंबे समय से इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए थे।

घड़बड़ गांव के ग्रामीण लंबे समय से पेयजल में फ्लोराइड की अधिक मात्रा की समस्या का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के लिए यह चिंता का विषय रहा है, क्योंकि फ्लोराइड की अधिकता वाले पानी के लंबे समय तक सेवन से दांतों और हड्डियों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभागीय जांच में भी पानी में फ्लोराइड की समस्या सामने आई थी। ऐसे में गांव में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना जरूरी माना जा रहा है।

ग्रामीणों की इस समस्या को विधायक चन्द्रदेव महतो ने प्राथमिकता के साथ उठाया। उन्होंने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाकर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकृष्ट कराया। इसके बाद समस्या के स्थायी समाधान के लिए विभागीय स्तर पर लगातार पहल की गई, ताकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की योजना आगे बढ़ सके।

विधायक के प्रयासों के बाद अब गांव में पेयजल व्यवस्था को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। इसे घड़बड़ के हजारों परिवारों के लिए राहत की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, निविदा प्रक्रिया शुरू होने के बाद योजना के क्रियान्वयन और पेयजल आपूर्ति शुरू होने में अभी समय लग सकता है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि योजना निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी और जल्द ही उनके घरों तक सुरक्षित पेयजल पहुंच सकेगा। योजना पूरी होने पर फ्लोराइडयुक्त पानी पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की संभावना है। फिलहाल, गांव के लोगों की नजर इस बात पर है कि निविदा के बाद काम कब शुरू होता है और स्वच्छ पेयजल की सुविधा उन्हें कब तक मिल पाती है।

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