मनीष सिन्हा
धनबाद : धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों के नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाकर कथित तौर पर साइबर अपराधियों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत छह लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, अब तक सामने आए छह सिम कार्ड से जुड़े मामलों में 60 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, वरीय पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बरियापुर थाना क्षेत्र स्थित एक मोबाइल कॉर्नर दुकान में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कथित तौर पर ग्रामीणों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाए जाने की जानकारी सामने आई।
ग्रामीणों के नाम पर 166 सिम कार्ड का आरोप
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि दुकानदार द्वारा गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों के नाम पर कथित रूप से 166 सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाए गए थे। इनमें से 57 सिम कार्ड भारत सरकार के NCRP पोर्टल पर साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पंजीकृत पाए गए हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में चिरंजीत कुमार को इस कथित नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। आरोप है कि अधिक पैसे देने का लालच देकर ग्रामीणों के नाम पर सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाए जाते थे और बाद में इन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।
पुलिस का कहना है कि इन सिम कार्ड का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने के लिए किए जाने की आशंका है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान साइबर ठगी से जुड़े कई मामलों के बारे में जानकारी मिलने की बात पुलिस ने कही है।
छह सिम से 60 लाख से अधिक ठगी की शिकायत
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अलग-अलग थानों में ऐसे मामलों का पता चला है, जिनमें संबंधित सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया। अब तक छह सिम कार्ड से जुड़े मामलों में 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी की शिकायत सामने आने की बात कही गई है।
हालांकि, पूरे नेटवर्क में कितने सिम कार्ड का इस्तेमाल हुआ, कितने लोग इससे जुड़े हैं और इनके जरिए कुल कितनी रकम की साइबर ठगी हुई है, इसका पता पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
फिलहाल धनबाद पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ग्रामीणों के नाम पर कथित तौर पर हासिल किए गए सिम कार्ड किन-किन साइबर अपराधियों तक पहुंचाए गए और इनके जरिए कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।
पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही सिम कार्ड और बैंक खातों के इस्तेमाल से जुड़े साइबर अपराध के मामलों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने लोगों को किया सावधान
धनबाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी व्यक्ति के नाम से जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध में होता है तो संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकता है और उसे जेल तक जाना पड़ सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन और बैंक खातों का दुरुपयोग रोकने तथा किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपने दस्तावेजों के आधार पर सिम या बैंक खाता उपलब्ध नहीं कराने की अपील की है।




