धनबाद की 38 जर्जर सड़कों पर विधानसभा में गरजे राज सिन्हा, मांगा पुनर्निर्माण

धनबाद विधायक राज सिन्हा ने 38 जर्जर सड़कों के शीघ्र पुनर्निर्माण और Urban Farming समेत विकास योजनाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग उठाई।

मनीष सिन्हा

धनबाद :  झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विधानसभा में धनबाद की जर्जर सड़कों और राज्य में संचालित शहरी कृषि समेत अन्य विकास योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने सरकार से जनता से जुड़े इन मामलों में स्पष्ट जवाब और समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।

विधायक राज सिन्हा ने धनबाद नगर निगम क्षेत्र की करीब 38 महत्वपूर्ण सड़कों की बदहाल स्थिति का मामला विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच इन सड़कों के निर्माण की योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद कई सड़कें जर्जर हो गईं।

उन्होंने बताया कि इन सड़कों के निर्माण के लिए करीब 159.33 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। लगभग 79 प्रतिशत भौतिक प्रगति के बावजूद अब तक करीब 84.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। विधायक ने इन आंकड़ों के आधार पर सड़कों की वर्तमान स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए।

ACB जांच के बीच 38 सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग

राज सिन्हा ने कहा कि इन योजनाओं के प्राक्कलन में अनियमितता के आरोपों के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ओर से जांच की जा रही है। वहीं, कुछ स्थानों पर सड़क की खुदाई कर उसे छोड़ दिए जाने से आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बरसात के मौसम में जर्जर सड़कों की स्थिति और गंभीर हो गई है। जगह-जगह खराब सड़कें दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रही हैं। विधायक ने सरकार से मांग की कि जांच की प्रक्रिया अपनी जगह जारी रहे, लेकिन जनता की परेशानी को देखते हुए सभी 38 सड़कों का आवश्यक तकनीकी परीक्षण कराया जाए और इसके बाद शीघ्र पुनर्निर्माण की दिशा में कार्रवाई की जाए।

सरकार की ओर से बताया गया कि ACB द्वारा मामले की जांच की जा रही है। संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) मांगा गया है। NOC प्राप्त होने के बाद सभी 38 सड़कों की भौतिक और तकनीकी स्थिति की विस्तृत जांच की जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Urban Farming योजना में भी पारदर्शिता पर सवाल

विधायक राज सिन्हा ने कृषि विभाग से जुड़े प्रश्न के माध्यम से राज्य में संचालित “Urban Farming” योजना को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन और वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 24 जिलों में संचालित इस योजना का वास्तविक क्रियान्वयन किस तरह किया जा रहा है।

उन्होंने योजना की निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी मांगी। इसके साथ ही निजी और सरकारी संस्थानों में संचालित योजनाओं, लाभार्थियों को दिए जाने वाले अनुदान तथा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

जनता के पैसे का सही इस्तेमाल हो: राज सिन्हा

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि जनता के पैसे से संचालित योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। धनबाद की सड़कों के मामले में लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध कार्रवाई और बेहतर सड़क सुविधा चाहिए।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से जुड़ी योजनाओं की गुणवत्ता और उनकी वर्तमान स्थिति की गंभीरता से जांच जरूरी है। साथ ही कृषि और शहरी विकास योजनाओं में भी यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी राशि का सही उपयोग हो और योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचे।

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