विलियम जैकब
गिरिडीह : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा के भैया-बहनों ने संकुल स्तरीय प्रश्न मंच प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में शनिवार को विद्यालय की वंदना सभा के दौरान सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्रधानाचार्य अजित मिश्र ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद वरिष्ठ आचार्य नलिन कुमार और पंकज आचार्य ने कार्यक्रम का विषय प्रवेश कराया। समारोह में विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए उनके प्रयास और तैयारी की सराहना की गई।
प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विज्ञान के किशोर और शिशु वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। वैदिक गणित में शिशु, किशोर और बाल तीनों वर्गों में विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। संस्कृति बोध प्रतियोगिता के शिशु और किशोर वर्ग में भी विद्यालय के प्रतिभागी अव्वल रहे।
इसके अलावा कथा कथन प्रतियोगिता के शिशु और बाल वर्ग में भी विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान हासिल किया। मूर्तिकला प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने पहला स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आचार्य वर्ग में डॉ. ब्रजेश बर्णवाल ने पत्रवाचन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
विद्यालय की इस सफलता में वैदिक गणित प्रतियोगिता प्रमुख अनिल आचार्य, विज्ञान प्रतियोगिता प्रमुख निशा श्रेष्ठ और संस्कृति बोध प्रमुख दुलारचंद आचार्य के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं की तैयारी में आवश्यक दिशा-निर्देश और अभ्यास कराया।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी प्रधानाचार्य अजित मिश्र ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर ही विद्यार्थी इस तरह की उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने आगामी विभाग स्तरीय संस्कृति महोत्सव में भी विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन की कामना की।
संकुल प्रमुख एवं प्रधानाचार्य आनंद कमल ने मोबाइल संदेश के माध्यम से विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान हासिल करना विद्यालय और संकुल दोनों के लिए गौरव की बात है। यह सफलता विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन और आचार्य-दीदी के मार्गदर्शन का परिणाम है।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी आचार्य एवं भगिनी उपस्थित रहे। समारोह का समापन विजेता विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन और उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।




