अमेठी : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) के तहत पंच सम्मेलन आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि, जिलाधिकारी संजय चौहान, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान योजना के उद्देश्यों, लाभों और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई।
डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह ने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक रोजगार दिवस उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जबकि दैनिक मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से जल संरक्षण, वृक्षारोपण, ग्रामीण संपर्क मार्ग निर्माण, सामुदायिक परिसंपत्तियों के विकास और कृषि आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार के साथ-साथ गांवों के समग्र विकास को गति मिलेगी।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने कहा कि बढ़े हुए रोजगार दिवस और मजदूरी से ग्रामीण श्रमिक परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
सम्मेलन के दौरान योजना के पारदर्शी और प्रभावी संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।




