लातेहार : तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से झाबर पंचायत के बनियो गांव की रहने वाली हीरामनी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे में उनका एक हाथ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिसे चिकित्सकों को उनकी जान बचाने के लिए काटना पड़ा। फिलहाल उनका इलाज रांची के बर्लिन अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने पीड़ित परिवार के सामने इलाज के साथ-साथ भविष्य की आजीविका को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद उपाध्यक्ष अनीता देवी रांची स्थित बर्लिन अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने हीरामनी देवी से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से इलाज की स्थिति के बारे में बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पीड़िता के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
अनीता देवी ने हादसे के बाद संबंधित कंपनी और वाहन प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवार को दी जा रही सहायता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का एक अंग हमेशा के लिए खो जाना केवल शारीरिक क्षति नहीं है, बल्कि इसका असर उसके पूरे जीवन और परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। ऐसे में केवल इलाज का खर्च उठाना पर्याप्त नहीं होगा।
उन्होंने मांग की कि संबंधित कंपनी पीड़िता को उचित मुआवजा देने के साथ कृत्रिम अंग की व्यवस्था करे और भविष्य में उनके भरण-पोषण तथा आजीविका को लेकर भी जिम्मेदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने प्रशासन से तेज रफ्तार और अनियंत्रित तरीके से चलने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी निगरानी रखने की अपील की। साथ ही, हादसे के लिए जिम्मेदार चालक और वाहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
कब थमेगी भारी वाहनों की रफ्तार?
हीरामनी देवी के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में भारी वाहनों की रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चिंता जताई जा रही है कि भारी वाहनों की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान और शारीरिक क्षमता गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।
हादसे के बाद हीरामनी देवी के परिवार के सामने उनके इलाज के साथ भविष्य की आजीविका की चिंता भी है। ऐसे में पीड़िता को उचित मुआवजा और जरूरी सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। साथ ही, भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और नियमित निगरानी के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



